आगरा में DM के निरीक्षण में खुलीं सरकारी स्कूलों की खामियां, प्रधानाध्यापिका पर हुई कार्रवाई

आगरा: स्कूल चलो अभियान की हकीकत परखने शुक्रवार को आगरा के डीएम मनीष बंसल निकले. 2 सरकारी विद्यालयों के औचक निरीक्षण में स्कूल चलो अभियान की हकीकत देखकर डीएम हैरान रह गए. उन्हें जहां प्राथमिक विद्यालय छीपीटोला में व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं, तो शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देने के निर्देश दिए गए. जबकि, पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय रोहता में भारी अव्यवस्थाएं मिलने पर इंचार्ज प्रधानाध्यापिका सुनीता सक्सेना को तुरंत निलंबित कर दिया गया. इसके साथ ही चार्जशीट जारी करने और शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए हैं.

बता दें कि कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई समाप्त करके डीएम मनीष बंसल सीधे प्राथमिक विद्यालय छीपीटोला पहुंचे. जहां पर उन्होंने कक्षा 3, 5 और 2 का निरीक्षण किया. बच्चों से संवाद किया, शैक्षणिक क्षमता परखी. डीएम मनीष बंसल ने बच्चों से हिंदी और अंग्रेजी की किताबें पढ़वाईं. उसने नाम लिखवाए, पहाड़े और गिनती सुनी. बच्चों के प्रदर्शन से डीएम मनीष बंसल संतुष्ट दिखे और बच्चों की पीठ थपथपाई. इसके साथ ही उन्होंने स्वयं ब्लैकबोर्ड पर चॉक लेकर बच्चों को पढ़ाया. उन्होंने बच्चों से नई किताबें, यूनिफॉर्म, मिड-डे मील और अन्य सुविधाओं की भी जानकारी ली.

स्मार्ट क्लास और मिड-डे मील की जांच: डीएम ने स्मार्ट क्लास का निरीक्षण किया. बच्चों से स्मार्ट टीवी चलवाई. लाइब्रेरी का निरीक्षण करने के साथ ही मिड-डे मील चखकर उसकी गुणवत्ता भी जांची. विद्यालय में 146 छात्र नामांकित हैं. जिन्हें 2 शिक्षक और 3 शिक्षामित्र पढ़ा रहे हैं. उन्होंने लाइब्रेरी में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए उच्च गुणवत्ता की एलईडी लाइट लगाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ शिक्षकों से कहा कि छात्र और छात्राओं को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित ना रखें. उन्हें सामान्य ज्ञान और व्यावहारिक जानकारी देकर आधुनिक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करें.

पीएम श्री विद्यालय रोहता में मिली खामियां: रोहता स्थित पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय में व्यवस्थाएं और खामियां मिलीं. विद्यालय में 235 छात्र नामांकित हैं. इसके साथ ही 56 नए प्रवेश हुए हैं. निरीक्षण के समय केवल 108 बच्चे उपस्थित मिले. विद्यालय में 10 शिक्षक, 2 शिक्षामित्र और 2 अनुदेशक समेत 14 सदस्यीय शैक्षिक स्टाफ कार्यरत हैं.

निरीक्षण में विद्यालय के रसोईघर में राशन व्यवस्थित नहीं मिला. कंप्यूटर कक्ष में नई स्मार्ट टीवी रखी थी, लेकिन उसका उपयोग नहीं किया जा रहा. खेल सामग्री, खेल किट और अन्य शिक्षण संसाधनों का बच्चों के उपयोग नहीं करने पर नाराजगी जताई. विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी खराब मिली, जबकि कक्षा संचालन के समय कई बच्चे बाहर खेलते मिले.

डीएम ने जब सभी शिक्षकों से पूछा कि क्या वे बच्चों के साथ मिड-डे मील करते हैं. इस पर सभी शिक्षकों ने स्वीकार किया कि विद्यालय का भोजन नहीं खाते और अपने घर से लाया भोजन ही करते हैं. इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की.

प्रिंसिपल पर कार्रवाई: निरीक्षण में लगातार लापरवाही, पठन-पाठन की खराब स्थिति और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में कमी मिलने पर जिलाधिकारी ने इंचार्ज प्रधानाध्यापिका सुनीता सक्सेना को निलंबित कर दिया. इसके साथ ही चार्जशीट जारी करने और शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं.

इसके साथ ही बीडीओ बरौली अहीर, एडीओ पंचायत और खंड शिक्षा अधिकारी को बुलाकर विद्यालय परिसर की तुरंत सफाई कराकर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए. सभी शिक्षकों को नियमित समय से विद्यालय पहुंचने, नए नामांकन बढ़ाने, बच्चों के साथ मिड-डे मील करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. कहा कि व्यवस्थाओं में सुधार के बाद वह दोबारा विद्यालय का निरीक्षण करेंगे.