बागपत : बालैनी थाना क्षेत्र के मवीकलां गांव निवासी रिटायर्ड शिक्षक के बेटे भारतीय वायुसेना के एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी को ऑपरेशन सिंदूर में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित किया है. राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अजय चौधरी को उत्तम युद्ध सेवा मेडल प्रदान किया. इस मौके पर उनका परिवार भी मौजदू रहा. मेडल मिलने के बाद अजय चौधरी के गांव में खुशी का माहौल है.
क्षेत्र के मवीकलां गांव निवासी चौधरी रामपाल सिंह रिटायर्ड शिक्षक हैं. वह अपने परिवार को लेकर करीब 35 साल पहले मेरठ चले गए थे. अब वे वहीं रहते हैं. रामपाल सिंह के बेटे अजय कुमार चौधरी 17 दिसम्बर 1994 को वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में फाइटर पायलट के रूप में कमीशंड हुए.
बीते वर्ष पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया था. जिसमें अजय कुमार चौधरी बेस कमांडर थे और उन्होंने पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाते हुए घुटने टेकने पर मजबूर किया था.
इसी सराहनीय योगदान के लिए सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अजय कुमार चौधरी को उत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया. इससे पहले अजय कुमार चौधरी को वर्ष 1998 में वायुसेनाध्यक्ष से प्रशस्ति पत्र मिला और वर्ष 2017 में वायु सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है.

