कानपुर: ‘छात्रवृत्ति वितरण में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए. कोई भी पात्र छात्र अगर छात्रवृत्ति से वंचित रहता है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. 2 नवंबर तक सभी संस्थान छात्रवृत्ति से जुड़े सारे काम पूरे कर लें.’ प्रमुख सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण सुभाष चंद्र शर्मा ने यह बातें कानपुर में कहीं. उन्होंने जिलाधिकारी सहित अन्य विभागीय अफसरों के साथ मीटिंग भी की.
152 संस्थानों ने डाटा लॉक किया: अधिकारियों ने प्रमुख सचिव को बताया कि कानपुर जिले में कुल 397 शिक्षण संस्थान हैं. इनमें से अब तक केवल 152 संस्थानों का मास्टर डाटा बेस लॉक हुआ है. 245 संस्थानों का डाटा अभी पेंडिंग है. इस पर वह बहुत नाराज हुए.
विश्वविद्यालयों और संबद्ध एजेंसियों में भी केवल 67 संस्थानों का डाटा लॉक किया गया है. उन्होंने कहा 25 नवंबर 2025 तक सभी संस्थान डाटा लॉक कर लें. 5 दिसंबर 2025 तक विश्वविद्यालय फीस और सीट लॉक की प्रक्रिया पूरी करें.
दो चरणों में छात्रवृत्ति वितरण: प्रमुख सचिव ने बताया कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति का वितरण दो चरणों में किया जाएगा. इसमें पहला चरण 24 जनवरी 2026 और दूसरा चरण 16 मार्च 2026 को होगा. इससे छात्रों को समय पर धनराशि प्राप्त होगी और छात्रवृत्ति पोर्टल पर भार भी कम होगा. प्रमुख सचिव ने कहा कि इन दो तिथियों के लिए सभी विभागीय अफसर अभी से सारी तैयारियां पूरी कर लें.
4,530 आवेदन वेरिफाई: बैठक में यह भी बताया गया कि जिले में सभी वर्गों के कुल 20,396 छात्रों के आवेदन सबमिट हो चुके हैं. इनमें से 4,530 आवेदन वेरिफाई हुए हैं. 94 आवेदन अग्रसारित किए गए हैं. प्रमुख सचिव ने संस्थानों को चेतावनी देते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी आवेदनों को अग्रसारित किया जाए, अन्यथा देरी के लिए संस्थान स्वयं जिम्मेदार होंगे.
उन्होंने कहा कि 2 नवंबर 2025 तक सभी लंबित आवेदन अग्रसारित किए जाएं. विश्वविद्यालय समय पर परीक्षा परिणाम घोषित करें, ताकि किसी छात्र को परिणाम के अभाव में छात्रवृत्ति से वंचित न रहना पड़े. वहीं, बैठक के अंत में प्रमुख सचिव ने सभी विश्वविद्यालयों, संबद्ध एजेंसियों और छात्रवृत्ति से संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया वे अपने-अपने दायित्वों का जिम्मेदारी से पालने करें.