केरल की सभी 140 सीटों पर NDA का दांव, कोई CM फेस घोषित नहीं होगा

नई दिल्ली: केरल विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए ने राज्य की हर 140 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारने की पूरी तैयारी कर ली है. गुरुवार को बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इस मुद्दे पर गहन चर्चा हुई.

 

बैठक में केरल की प्रत्येक सीट पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई. बैठक में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर भी विचार-विमर्श हुआ. हर सीट के लिए एनडीए के उम्मीदवारों की सूची पर मंथन किया गया, जिसमें बीजेपी के अलावा सहयोगी दलों के प्रत्याशियों के नाम भी शामिल थे.

 

केरल में भाजपा इस बार पूरी तरह से दम खम के साथ चुनावी मैदान में उतर रही है. यही वजह है कि भाजपा ने केंद्रीय चुनाव में ना सिर्फ बीजेपी बल्कि सहयोगी दलों की सीट पर भी चर्चा हुई ताकि इससे यह तय करने में मदद मिलेगी कि किस सीट पर कौन सा दल चुनाव लड़ेगा और किसकी जीत की संभावना ज्यादा मजबूत है.

केरल में बीजेपी के मुख्य सहयोगी दलों में 20-20 पार्टी और भारतीय जन धर्म सेना शामिल हैं. इसके अलावा चार-पांच छोटे दल भी एनडीए का हिस्सा हैं, जिनका प्रभाव कुछ सीमित इलाकों तक ही है. बैठक में इन सहयोगी दलों के साथ सीट-बंटवारे पर भी बातचीत हुई. मोटे तौर पर बीजेपी लगभग 100 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जबकि 20-20 पार्टी 10 से 15 सीटों और भारतीय जन धर्म सेना 25 से 30 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है. बता दें कि पिछली बार भारतीय जन धर्म सेना ने 21 सीटों पर चुनाव लड़ा था.

 

पार्टी नेताओं का मानना है कि केरल में एनडीए के लिए जीतने वाली सीटों की संख्या ज्यादा मायने रखती है, न कि चुनाव लड़ने वाली सीटों की. इस बार पार्टी ने सभी सीटों पर पूरी ताकत झोंकने का फैसला किया है. पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 115 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन कोई सीट नहीं जीत पाई. इस बार पार्टी ने कुछ ऐसे नेताओं को शामिल किया है, जो अपने प्रभाव से सीट जीतने की क्षमता रखते हैं. इनमें सीपीएम और केरल कांग्रेस से आए कुछ जिताऊ नेता भी शामिल हैं, जिन्हें एनडीए टिकट दे सकता है.

 

कोई मुख्यमंत्री चेहरा नहीं घोषित होगा

एनडीए इस बार केरल में बिना किसी मुख्यमंत्री उम्मीदवार के चुनाव लड़ेगा. पिछली बार ‘मेट्रो मैन’ ई. श्रीधरन को सीएम पद का उम्मीदवार बनाया गया था. इस बार एनडीए चुनाव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम और उनके कार्यों पर केंद्रित करेगा. विकास को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया जाएगा. चुनावी पोस्टरों में प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर, 20-20 के प्रमुख साबू एम. जैकब और भारतीय जन धर्म सेना के प्रमुख टी. वेल्लापेल्ली की तस्वीरें होंगी, जिससे गठबंधन की मजबूती और एकजुटता का संदेश जाएगा.

 

सूत्रों के अनुसार, जैकब और वेल्लापेल्ली खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में बड़े पैमाने पर प्रचार करेंगे. स्थानीय चुनावों से बीजेपी उत्साहित स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों से बीजेपी काफी उत्साहित है. तिरुवनंतपुरम में पहली बार बीजेपी का मेयर बनना पार्टी के मनोबल को बढ़ावा दे रहा है. बीजेपी को उम्मीद है कि इस बार एनडीए केरल में तीसरी बड़ी ताकत के रूप में उभरेगा और अगर विधानसभा त्रिशंकु हुई तो वह निर्णायक भूमिका निभा सकता है. बीजेपी ने हाल के समय में क्रिश्चियन वोटरों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाई है.