लखनऊ: योगी सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए गेहूं खरीद से लेकर पीएम किसान सम्मान निधि को लेकर अफसरों को दिशा-निर्देश दिए हैं. चलिए जानते हैं किसानों को कितनी राहत मिलेगी.
कृषि संबंधी योजनाओं की समीक्षा: प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर जनकल्याणकारी और कृषि संबंधी योजनाओं की समीक्षा की. बैठक में गेहूं खरीद, किसान पंजीकरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना और उर्वरक वितरण व्यवस्था पर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए.
30 मार्च से शुरू हुई गेहूं की खरीद: मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीद 30 मार्च से शुरू हो चुकी है. इसे प्रभावी ढंग से संचालित करना प्राथमिकता है. उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित क्रय केंद्रों को तुरंत चालू किया जाए और दूरदराज ग्रामीण इलाकों में किसानों की सुविधा के लिए अतिरिक्त केंद्र स्थापित किए जाएं. उन्होंने यह भी कहा कि बिना पंजीकरण के आने वाले किसानों का मौके पर ही पंजीकरण कर खरीद सुनिश्चित की जाए.
स्वचालित सत्यापन को प्राथमिकता: बैठक में एग्रीस्टैक और ई-पड़ताल के जरिए किसानों के स्वचालित सत्यापन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए. साथ ही, जहां तकनीकी सत्यापन संभव न हो, वहां अभिलेखों के आधार पर खरीद सुनिश्चित करने को कहा गया. सभी क्रय केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और नियमित निरीक्षण पर भी जोर दिया गया.
पीएम किसान योजना पर विशेष जोर: प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 30 अप्रैल तक सभी पात्र किसानों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए. इसके लिए 6 से 15 अप्रैल तक ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम सचिवालयों में विशेष अभियान चलाया जाएगा. शिविरों में पंजीकरण के साथ नाम संबंधी त्रुटियों का भी तत्काल समाधान किया जाएगा. इस अभियान में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और लेखपालों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है.
उर्वरक वितरण में पारदर्शिता: उर्वरकों की आपूर्ति और वितरण की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सब्सिडी वाले उर्वरकों की बिक्री केवल पीओएस मशीनों के माध्यम से ही की जाए. आईएफएमएस पोर्टल के जरिए नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए. प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति बनाकर पारदर्शी वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया.
कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई: उन्होंने उर्वरकों की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.साथ ही गैर-कृषि क्षेत्रों में उर्वरकों के दुरुपयोग पर कड़ी निगरानी रखने को कहा. किसानों को संतुलित उपयोग और अनावश्यक भंडारण से बचने के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया गया. बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.