गोरखपुर: महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (गोरक्षपीठ से जुड़े सभी शिक्षण संस्थानों) के अध्यक्ष और पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. उदय प्रताप सिंह का शनिवार सुबह निधन हो गया. 92 वर्षीय प्रो. यूपी सिंह कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे. रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रो. यूपी सिंह के आवास पहुंचे और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को राजेंद्र नगर स्थित दिवंगत प्रो. यूपी सिंह के आवास पहुंचे और उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए. इस दौरान मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार से भेंटकर उन्हें ढांढस बंधाया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रो. सिंह का जीवन आदर्श और प्रेरणादायी रहा है. उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ और समाजहित के कार्यों में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई. इस अवसर पर परिषद से जुड़े पदाधिकारी, गणमान्यजन और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.
महायोगी गुरू गोरखनाथ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रदीप राव ने बताया कि प्रो. उदय प्रताप सिंह के दो बेटे हैं. दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. वीके सिंह और यूपी कॉलेज के आचार्य प्रो. राजीव कृष्ण सिंह. उन्होंने बताया कि प्रो. यूपी सिंह गोरखपुर विश्वविद्यालय में गणित विभाग के पूर्व अध्यक्ष भी रहे थे. वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के गोरक्ष प्रांत के पूर्व प्रांत संघचालक भी रहे.
गाजीपुर के मूल निवासी: मूल रूप से गाजीपुर जिले के निवासी प्रो. यूपी सिंह उन विरले लोगों में शामिल रहे, जिन्हें गोरक्षपीठ के लगातार तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ. गणित विषय के विद्वान रहे स्वर्गीय सिंह की बतौर शिक्षक पहली नियुक्ति गोरक्षपीठ के तत्कालीन पीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ महाराज ने एमपी शिक्षा परिषद के महाराणा प्रताप महाविद्यालय में की थी.
गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए गोरक्षपीठ महंत द्वारा यह महाविद्यालय दान में दे दिया था. तब यूपी सिंह विश्वविद्यालय में गणित के शिक्षक हो गए. अपने शैक्षिक सेवा यात्रा में उन्होंने बाद में पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के कुलपति के रूप में भी सेवाएं दीं.
महंत दिग्विजयनाथ के निधन के बाद प्रो. सिंह ने गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ महाराज के मार्गदर्शन में एमपी शिक्षा परिषद की सेवा की. उनकी सेवा साधना का यह क्रम वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में आजीवन जारी रहा.
महायोगी गुरू गोरखनाथ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रदीप राव ने बताया कि प्रो. यूपी सिंह को विद्वता, कर्मठता के साथ उनके सांगठनिक कौशल के लिए भी याद किया जाएगा. वह डॉ. भोलेंद्र सिंह के बाद वर्ष 2018 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष बनाए गए और अंतिम सांस लेने तक इस पद पर बने रहे. शिक्षा परिषद द्वारा 2021 में जब महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर की स्थापना की गई, तो उन्हें इसका प्रति कुलाधिपति बनाया गया.