अलीगढ़:हिंदू गौरव दिवस के सहारे 21 अगस्त को भाजपा ने पीडीए की काट में 2027 के लिए तगड़ा हिंदुत्व कार्ड खेल दिया है। एक कार्यकर्ता से हिंदुत्व पुरोधा बने कल्याण सिंह को याद कर भाजपा ने प्रदेश में अब अगड़ा-पिछड़ा व अनुसूचित वर्ग के हिंदुत्व की त्रिवेणी बहाने का एलान किया है। इस ट्रंप कार्ड के सहारे मंच से खुला एलान हुआ कि उनके सपनों को साकार करने के लिए हमें ये संकल्प लेना होगा कि परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी को सैफई भेज दिया जाए।सूबे की सियासत में कल्याण सिंह की ताकत व ओबीसी वर्ग में उनकी गहरी पकड़ से भलीभांति वाकिफ भाजपा ने 21 अगस्त को जबरदस्त ट्रंप कार्ड खेला है। लोकसभा चुनाव में पश्चिमी यूपी सहित प्रदेश के परिणाम से विचलित हुई भाजपा लगातार सपा व पीडीए पर हमलावर है। हाल में प्रयागराज की सपा विधायक पूजा पाल को पार्टी से निकाले जाने के बाद भी भाजपा पीडीए पर जमकर हमलावर हुई। उसी तरह का हमला बृहस्पतिवार को हिंदू गौरव दिवस के मंच से हुआ। अवसर था कल्याण सिंह की पुण्यतिथि का। इस अवसर पर पश्चिमी यूपी के 50 करीब जिलों से कल्याण सिंह समर्थक एकत्रित थे। इनमें लोधी वर्ग के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों की भीड़ भी कम नहीं थी। इसी अवसर को भुनाते हुए भाजपा ने पीडीए की काट में अगड़ा-पिछड़ा व अनुसूचित वर्ग को जोड़ने का यह ट्रंप कार्ड खेला।
हर नेता ने गिनाए कल्याण के सपने व संकल्प
मंच से भाषण देने वाला शायद ही कोई नेता ऐसा रहा हो, जिसने कल्याण सिंह के सपने व उसे साकार करने वाला संकल्प न दोहराया हो। सभी ने उन्हें पिछड़े वर्ग के साथ-साथ सबका साथ सबका विकास करने वाला नेता बताया। भ्रष्टाचार व अपराध विरोधी नेता बताया। बदहाल प्रदेश में आजादी के बाद पहली बार स्वराज स्थापित करने वाला नेता बताया। फिर संकल्प गिनाते हुए कहा कि आज की सरकारें उनकी दिखाई राह पर चल रही हैं। बस हम-आपको संकल्प यही लेना है कि इस राह में पीडीए सरीखी कोई बाधा न आए।
योगी-प्रधान ने गिनाए ये उदाहरण
खुद योगी आदित्यनाथ ने एक तरफ जहां तालानगरी की स्थापना से लेकर प्रदेश के विकास, अपराध, भ्रष्टाचार आदि के उदाहरण पेश करते हुए कहा कि ये सब उन्हीं के बताए मार्ग के सहारे हो रहा है। वहीं धर्मेंद्र प्रधान ने उदाहरण दिए कि आदिवासी वर्ग की महिला को राष्ट्रपति बनाना व ओबीसी वर्ग के व्यक्ति को उपराष्ट्रपति बनाना भाजपा शासन काल में संभव है, जो कल्याण सिंह के बताए मार्ग के सहारे हो रहा है। ये सब राष्ट्रवाद के संरक्षण के उदाहरण हैं।
हिंदुत्व त्रिवेणी के सहारे 50 फीसदी वोटों पर नजर
इस मंच से कई नेताओं ने प्रदेश के ओबीसी वर्ग के वोटरों का जिक्र करते हुए यहां तक कहा कि बाबूजी सिर्फ किसी एक वर्ग या जाति के नेता नहीं थे। 50 फीसदी ओबीसी वर्ग में कुछ एक वर्गों को छोड़ दें तो कुर्मी, कहार, निषाद, कश्यप, जाट, मल्लाह, केवट आदि वर्ग ऐसे हैं, जो बाबूजी से बहुत करीब से जुड़े थे। बाबूजी भी गरीब, किसान, झुग्गी-झोपड़ी वाले इस वर्ग से बेहद करीब से जुड़े थे।
ये थे उनके सपने
मंच से नेताओं ने गिनाया कि कल्याण सिंह राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता, सबका साथ सबका विकास, भ्रष्टाचार-अपराध मुक्त समाज की नींव रखने वाले हिंदुत्व के नायक थे।