दिल्ली CM रेखा गुप्ता पर थप्पड़ मारने की कोशिश, हिरासत में आरोपी, पूछताछ जारी

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान हमला हुआ है. यह घटना तब हुई जब मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास कैंप ऑफिस में आम जनता की शिकायतों को सुन रही थीं. इस अप्रत्याशित हमले ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सीएम कार्यालय के अनुसार वे ठीक हैं, उन्होंने बताया है कि उनके कार्यक्रम रद्द नहीं होंगे. हालांकि जैसे ही यह हमला हुआ, मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया और अधिकारियों ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था को चौकस किया.

जनसुनवाई को दौरान सीएम रेखा गुप्ता पर हमला: बता दें कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हर बुधवार को अपने आवास पर ‘जनता सुनवाई’ आयोजित करती हैं, जहां वे सीधे लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करती हैं. आज के कार्यक्रम में भी भारी भीड़ थी. मुख्यमंत्री एक-एक कर लोगों से मिल रही थीं, तभी सुबह साढ़े आठ बजे करीब एक व्यक्ति ने उनके पास आने का प्रयास किया. उसने कुछ पेपर फेकें और थप्पड़ मारने की कोशिश की. सीएम दफ्तर में पहुंचे प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस व्यक्ति ने अचानक मुख्यमंत्री की ओर कुछ कागजात फेंके और मारने की कोशिश की. हालांकि, मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत एक्शन में आकर उन्हें बचा लिया. इस घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई

सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को तुरंत दबोचा : सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हमलावर को दबोच लिया. उसकी उम्र 35 वर्ष के आसपास है. प्रारंभिक पूछताछ में उसने दावा किया कि वह अपनी एक निजी समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से नाराज था, जिसका समाधान नहीं हो रहा था. पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया और आगे की पूछताछ जारी है. इस हमले के बाद मुख्यमंत्री को तुरंत उनके निजी चैंबर में ले जाया गया. एक आधिकारिक बयान में मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि मुख्यमंत्री सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है. हालांकि, डॉक्टरों की एक टीम ने उनकी जांच की और उन्हें कुछ समय आराम करने की सलाह दी है.

मंत्री सिरसा ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग : दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पर जो हमला किया गया उसकी हम निंदा करते हैं. मुख्यमंत्री हमेशा दिल्ली के लोगों की चिंता करती रहती हैं. उनके लिए लगातार अच्छे फैसले ले रही है. यही विरोधियों को हजम नहीं हो रहा है. उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है. इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है.
दिल्ली बीजेपी ने की हमले की निंदा : प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस घटना की निंदा की है. कई विपक्षी दलों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और मुख्यमंत्री की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि उसने सीएम का हाथ पकड़कर धक्का मुक्की करने की कोशिश की है. धक्कामुक्की में उनका सिर टेबल में लगा है. उन्हें सदमा लगा है. डॉक्टर इसकी जांच कर रहे हैं

पूर्व सीएम आतिशी ने मामले में की कड़ी कार्रवाई की मांग: दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुआ हमला बेहद निंदनीय है. लोकतंत्र में असहमति और विरोध की जगह होती है, लेकिन हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है. उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी. आशा है मुख्यमंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं. आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की हिंसा की निंदा करते हैं.

कांग्रेस ने कहा इस हमले की जितनी निंदा की जाए वो कम :वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले पर दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा, “यह बहुत दुखद है. मुख्यमंत्री पूरी दिल्ली का नेतृत्व करती हैं और मुझे लगता है कि ऐसी घटनाओं की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है लेकिन यह घटना महिला सुरक्षा की पोल भी खोलती है. अगर दिल्ली की मुख्यमंत्री ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी या आम महिला कैसे सुरक्षित रह सकती है?”

 

जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन : दिल्ली पुलिस ने भी घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है. पुलिस आयुक्त ने कहा कि सुरक्षा में चूक के कारणों की गहनता से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद एक बयान जारी कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा, हमलावरों को उनका मकसद पूरा नहीं करने दिया जाएगा. जनता की सेवा का मेरा संकल्प अटल है.

सार्वजनिक हस्तियों की सुरक्षा पर उठ रहे बड़े सवाल : यह हमला दिल्ली में सार्वजनिक हस्तियों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है. विशेष रूप से, जब जनसुनवाई जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जहाँ आम जनता का सीधे नेताओं से संपर्क होता है. यह घटना भविष्य में इस तरह के कार्यक्रमों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत करने की आवश्यकता को दर्शाती है. पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या इस हमले के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सार्वजनिक जीवन में सुरक्षा एक गंभीर चुनौती बनी हुई है.