ब्रह्म मुहूर्त में उठने की आदत डालिए, जो मांगोगे वहीं मिलेगा : सुंधाशु जी महाराज

गणेश वंदना के उपरांत महाराज जी का स्वागत किया गया

बरेली । विश्व जागृति मिशन के तत्वाधान में, गुरुवार को नाथ नगरी बरेली में स्थित त्रिवटी नाथ मंदिर में विश्व जागृति मिशन के तत्वाधान में भव्य एवं विशाल सत्संग का आयोजन किया गया, गणेश वंदना के उपरांत महाराज जी का स्वागत किया गया उसके पश्चात सुंधाशु जी महाराज  ने अपने वचनों की अमृत वर्षा करते हुए कहा ।

ब्रह्म मुहूर्त शब्द में ‘ब्रह्म’ का अर्थ है परमात्मा और ‘मुहूर्त’ का अर्थ है समय, इसलिए ब्रह्म मुहूर्त का अर्थ हुआ परमात्मा का समय। ब्रह्म मुहूर्त रात्रि प्रहर के बाद और सूर्योदय से ठीक पहले का समय होता है। शास्त्रों के अनुसार, सुबह 4 बजे से सुबह 5:30 के बीच का समय ब्रह्म मुहूर्त माना जाता है।
धार्मिक मान्याओं के अनुसार, जो व्यक्ति रोज ब्रह्म मुहूर्त में जागता है, उस पर सदैव माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। ब्रह्म मुहूर्त में उठने की आदत व्यक्ति को सफलता के शिखर तक ले जाती है।

ब्रह्म मुहूर्त में उठने की आदत डालिए, जो मांगोगे वहीं मिलेगा : सुंधाशु जी महाराज
ब्रह्म मुहूर्त में उठने की आदत डालिए, जो मांगोगे वहीं मिलेगा : सुंधाशु जी महाराज

कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती। करमूले स्थितो ब्रह्मा प्रभाते करदर्शनम्..।।
ब्रह्म मुहूर्त में उठने के बाद सूर्य की ओर मुंह करके, आंखे बंद करके और अपने दोनों हाथों को जोड़ कर यह प्रर्थना करनी है कि, आपके अग्रभाग में लक्ष्‍मी को मध्‍य भाग में सरस्‍वती का और मूल भाग में विष्‍णु जी का निवास हो।
सुबह उठने की आदत को विज्ञान की दृष्टि से भी बहुत अच्छा माना गया है। ब्रह्म मुहूर्त में उठने से व्यक्ति का शरीर सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है साथ ही शारीरिक शक्ति भी बढ़ती है। जो व्यक्ति ब्रह्म मुहूर्त में उठता है उसे अच्छा स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है। साथ ही उसे बुद्धि, विद्या और सौंदर्य प्राप्त होती है।

ब्रह्म मुहूर्त में उठने की आदत डालिए, जो मांगोगे वहीं मिलेगा : सुंधाशु जी महाराज
ब्रह्म मुहूर्त में उठने की आदत डालिए, जो मांगोगे वहीं मिलेगा : सुंधाशु जी महाराज

आगे बोलते हुए महाराज जी ने कहा, प्रातः काल के समय प्राण शक्ति बहुत ज्यादा बलवान होती है, तो पहले नंबर पर क्या हो गया, शुकराना, मुस्कुराना, और तीसरे नंबर पर किसी का दिल नहीं दुखाना, इसलिए हमेशा जीवन में खुश रहिए, जब अंदर से शांत और बाहर से खुश रहेंगे, तभी जीवन में समन्वय स्थापित होगा !
भगवान हमारे उपर तेरी बड़ी कृपा है, मैं तुम्हारा बहुत आभारी हूं, तेरी दया से सबकुछ चल रहा है, भगवान को धन्यवाद करना और मन में बस एक ही बात ध्यान रखना है, किसी को चोट नहीं पहुंचानें, किसी का दिल ना दुखाना, सबके भले की कामना करना, हम भारतीय लोगों को गर्व है कि, हमारे पास भगवत गीता है, गिर है, हिमालय है, हमारे पास भगवान श्री कृष्ण का महान संदेश है, जिन्होंने हमारे जीवन को पूर्णता दी, संतुष्टि और सम्पूर्णता दी, ऐसे सर्वज्ञ और दयालु भगवान को हर समय याद रखना चाहिए !

ब्रह्म मुहूर्त में उठने की आदत डालिए, जो मांगोगे वहीं मिलेगा : सुंधाशु जी महाराज
ब्रह्म मुहूर्त में उठने की आदत डालिए, जो मांगोगे वहीं मिलेगा : सुंधाशु जी महाराज

परम पूज्य गुरुदेव का स्वागत करने वालों में संदीप मेहरा, मनीषा मेहरा, डॉ एम एस बाशु, रवि अग्रवाल, अनिल श्रीवास्तव, गट्टू मल, पवन सक्सेना, कुंदन लाल ढींगरा ,मनोज अग्रवाल, रामबाबू अग्रवाल, आर सी रस्तोगी, रवि अग्रवाल , सुमन अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, रश्मि अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, ए के गोयल, मंडल प्रधान देवेंद्र खंडेलवाल, मंत्री पवन अरोड़ा, संजय गर्ग, सुखराम शर्मा, एम एस कलरा, आर एस पचौरी, राजेश कटिहा, सुदर्शन विष्ट, महेंद्र कुमार पाठक, नीरज माथुर, नूतन मिश्रा, ममता वेदी, शांति बिष्ट, सविता अरोड़ा, रश्मि अग्रवाल, रेनू बाष्णेय, प्रमोद अरोड़ा, कुसुम खंडेलवाल, गीता जोशी, गीता त्रिपाठी, राधा खंडेलवाल, सुनीता शर्मा, ललिता अनेजा, रेनू सूरी, कंचन अग्रवाल , सुषमा गुप्ता, मधु खंडेलवाल, सुमित्रा गंगवार, रेनू मिश्रा आदि ।