लखनऊ. योगी सरकार प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है. परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों से बात की और योजना को अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए.
प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 लागू किए जाने का निर्णय लिया है. मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 66 (1) के तहत दी गई व्यवस्था के अनुसार मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 से सभी ग्राम पंचायतों और ग्रामीणों को परिवहन की सुविधा प्रदान करने के लिए संचालित होने वाले वाहनों को प्रावधानों के अनुसार परमिट की अनिवार्यता से छूट प्रदान की गई है.
शुक्रवार को योजना भवन स्थित NIC सेंटर से उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा की. उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अधिकारी गंभीरतापूर्वक और रुचि लेकर कार्रवाई सुनिश्चित करें.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों को सुगम और सस्ती परिवहन सेवा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है. ग्रामीण क्षेत्रों को विकास खंड, तहसील और जनपद मुख्यालय से सीधे परिवहन सुविधा से शत-प्रतिशत जोड़ा जा रहा है.
वर्तमान में परिवहन निगम की तहसील मुख्यालय, नगर पालिका परिषद नगर निगम स्तर पर परिवहन की सुविधा उपलब्ध है. प्रदेश के दूरस्थ और असंबद्ध ग्राम पंचायत को मुख्य धारा से जोड़ने और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक परिवहन सेवा पहुंचाना इस योजना का मुख्य आधार है.
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि इस योजना में सभी 59,163 ग्राम पंचायत को परिवहन सेवा से जोड़ना और ग्रामीण जनता को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय तक सीधी और सुरक्षित पहुंच प्रदान करना है.
साथ ही निजी क्षेत्र के बस संचालकों के माध्यम से उन ग्रामीण मार्गों पर सेवा प्रदान कराना है, जहां परिवहन निगम की कम बसें संचालित हैं. यही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है.
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत 15-28 सीट क्षमता वाली डीजल, सीएनजी/इलेक्ट्रिक वाहन संचालित किए जाएंगे. बैठक में अपर मुख्य सचिव परिवहन अर्चना अग्रवाल, एमडी परिवहन निगम प्रभु एन. सिंह, परिवहन आयुक्त किंजल सिंह, विशेष सचिव परिवहन केपी सिंह व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.