लखनऊ : प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने मंगलवार को समीक्षा बैठक की. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों और पिछड़े वर्गों के सर्वांगीण सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. सरकार की मंशा केवल सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इन वर्गों को आत्मनिर्भर, सक्षम और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करना है. मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए. किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ एवं जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने कहा कि ये दोनों विश्वविद्यालय दिव्यांगजनों के लिए उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र हैं. मंडल स्तर पर कार्यशालाओं, जागरूकता कार्यक्रमों एवं प्रचार-प्रसार के माध्यम से विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों और शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी दिव्यांगजनों तक पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से जुड़ सकें.
रिक्त पदों पर जल्द हो नियुक्ति : उन्होंने दोनों विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार पर जोर देते हुए रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति जल्द पूरी करने तथा परिसरों में चल रहे निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए. मंत्री ने कहा कि योजनाओं की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उनका सीधा लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे.
72,690 लाभार्थियों को शादी अनुदान योजना का लाभ : अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में शादी अनुदान योजना के अंतर्गत अब तक 72,690 लाभार्थियों को लाभ दिया गया है. छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 12,76,303 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है. कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना के तहत 299 संस्थाओं को 25,588 ‘ओ’ लेवल एवं 9,304 ‘सीसीसी’ प्रशिक्षणार्थियों का लक्ष्य आवंटित किया गया है.