यूपी के किसान और युवा होंगे स्मार्ट, IIT-BHU और FAARD के बीच हुआ समझौता

वाराणसी : कृषि क्षेत्र में नए शोध और ग्रामीण विकास को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. इस कड़ी में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (IIT BHU) और फाउंडेशन फॉर एडवांसमेंट ऑफ एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (FAARD) के बीच MoU पर साइन हुआ है. एमओयू पर FAARD फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. पंजाब सिंह तथा आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने हस्ताक्षर किए हैं. दोनों संस्थान मिलकर पूर्वी उत्तर प्रदेश को कृषि नवाचार के “लाइट हाउस क्षेत्र” के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य करेंगे.आईआईटी BHU के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि MOU में नए रिसर्च को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाना है. समझौते के तहत अत्याधुनिक अनुसंधान, डिजिटल तकनीक के जरिए किसानों, ग्रामीण युवाओं और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को स्मार्ट बनाया जाएगा. FAARD के अध्यक्ष प्रो. पंजाब सिंह ने कहा है कि यह साझेदारी किसानों को आधुनिक तकनीक, ज्ञान और बाजार तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगी. जिससे उनकी आजीविका सुदृढ़ होगी और आय में भी वृद्धि होगी.

 

प्रो. पंजाब सिंह ने बताया कि यह सहयोग स्मार्ट कृषि तकनीकों के प्रदर्शन एवं प्रसार, एआई एवं आईओटी आधारित डिजिटल ट्विन प्लेटफॉर्म के विकास, डिजिटल ज्ञान भंडार की स्थापना, युवाओं में कृषि उद्यमिता को बढ़ावा, जलवायु-स्मार्ट एवं नई ऊर्जा समाधानों के एकीकरण, एफपीओ की क्षमता वृद्धि, छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, किसानों के खेतों में शोध परीक्षण पर केंद्रित रहेगा.