लखनऊ: उत्तर प्रदेश के दोनों संभागो में पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ जगहों पर तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश हुई. अब तक मिले रिकॉर्ड के मुताबिक, जालौन में हवा की सबसे ज़्यादा रफ़्तार 59 kmph दर्ज की गई. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में अलीगंज (एटा), मथुरा, जालौन, कन्नौज और छिबरामऊ (कन्नुआज) में ओले भी गिरे. वहीं, पिछले 24 घंटे में उत्तर प्रदेश के कन्नौज, मैनपुरी, लखनऊ, चित्रकूट, कानपुर देहात, कानपुर नगर, प्रयागराज, सीतापुर एट हाथरस और इटावा में हल्की बारिश दर्ज की गई.
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 3 अप्रैल से उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बेमौसम बारिश का सिलसिला शुरू होगा, जो कि 7 अप्रैल तक जारी रहेगा. इस दौरान उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश बिजली गिरने, ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है.
लखनऊ का मौसम: मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार गुरुवार को लखनऊ में आसमान साफ रहेगा, तेज धूप खिलेगी. अधिकतम तापमान 38 और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. वहीं बुधवार को राजधानी में सुबह के समय गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई.
बांदा जिला सबसे गर्म: बुधवार को भी उत्तर प्रदेश का बांदा सबसे अधिक गर्म जिला रहा जहां पर अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो कि सामान्य है, वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान उरई जिले में 15.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो कि सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस कम है.
अप्रैल से जून के दौरान भीषण गर्मी का पूर्वानुमान: ग्रीष्म ऋतु (अप्रैल से जून) के दौरान प्रदेश के दक्षिणी-पश्चिमी भाग को छोड़कर अन्य भागों में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने से पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं प्रदेश के उत्तरी तराई क्षेत्रों में औसत उष्ण लहर के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. आगामी ग्रीष्म ऋतु के दौरान प्रदेश भर में औसत मासिक न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की सम्भावना है.
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त होने से मौसम साफ रहेगा. आगामी 2 दिनों के दौरान तापमान में 2°C तक की मामूली बढ़ोत्तरी हो सकती है, जिसके बाद पूर्वी ईरान के आसपास संकेन्द्रित आगामी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 3 अप्रैल से प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है.
किसानों की बढ़ी चिंता: बेमौसम बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हो रहा है, गेहूं की फसल पक कर खेत में खड़ी है. ऐसे में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों के नष्ट होने की आशंका, किसानों को चिंतित कर रही है. वहीं आम की फसल पर भी ओलावृष्टि का बुरा असर पड़ सकता है.