लखनऊ: यूपी में अब धार्मिक कार्यों के लिए बिजली कनेक्शन लेना आसान हो गया है. ऐसा निर्देश उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने दिया है. कहा है कि आगामी त्योहारों को देखते हुए अभी से ऐसी कार्य योजना बनाइए, जिससे कहीं कोई समस्या आपूर्ति में न रहे. कनेक्शन लेने आने वाले लोगों को बिल्कुल भी दौड़ाया नहीं जाए. उन्हें जितना जल्द हो सके, कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए. कॉरपोरेशन अध्यक्ष मंगलवार को प्रदेश के वितरण निगमों के कार्याें की समीक्षा कर रहे थे.
डॉ. आशीष कुमार ने अपने निर्देश में कहा कि इस महीने प्रदेश के सभी डिवीजन में कम से कम एक एरिया चयनित करके उसके सुधार के लिये कार्य करिए. सफलता पूर्वक सुधार करके सक्सेज स्टोरी बनाएं. एरिया चयन में जो क्षेत्र विद्युत कार्यों के मानक जिनमें बिल जमा करना, थ्रू रेट कम करना, लाइन हानियों में सबसे ज्यादा खराब हैं, उन्हें सुधार कर दिखाइए.
उन्होंने अल्टीमेटम दिया कि इस माह के अंत में समीक्षा की जाएगी और सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले 10 अधिशासी, चार अधीक्षण और दो चीफ इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
चेयरमैन ने कहा कि बिजली चोरी रोकने, लाइन हानियां कम करने और बिजली बिल वसूलने के क्षेत्र में कुछ सफल और अनुकरणीय कार्य करके दिखाएं. आगामी 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में मेंटेनेंस मंथ मनाया जाएगा, जिसमें सभी जरूरी मेंटेनेंस के कार्य करा लिए जाएं.
उन्होंने ने कहा कि स्मार्ट मीटर को लगाने में और तेजी लाएं. साथ ही चेक मीटर भी लगाकर उसके नतीजे उपभोक्ताओं को बताएं. चेक मीटर की विवरण समाचार पत्रों, व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया पर डाला जाए.
अध्यक्ष ने कहा कि बिजनेस प्लान के कार्याें को समय से पूरा कराएं. इसमें देरी पर जिम्मेदारी तय की जाए. लाइन हानियां कम करने के लिए मोहल्ला, गांव, कस्बे या क्षेत्र चयनित करके वहां कार्रवाई की जाए. इसकी पूरी जानकारी मुख्यालय भेजी जाए.
उन्होंने उपभोक्ताओं को गलत बिजली बिल भेजे जाने को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि गलत रीडिंग लेने और गलत डेटा फीड करने वाले कर्मचारियों को बर्खास्त किया जाए.
उन्होंने मीटर लगाने वाली कंपनियों को भी सख्त चेतावनी दी कि अगर निर्धारित लक्ष्य समय से पूरा नहीं किया गया तो उन्हें ब्लैकलिस्ट करने पर विचार किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि बिजली के सभी नए कनेक्शन स्मार्ट मीटर के साथ ही दिए जाएं. जिन उपभोक्ताओं के मीटर खराब, जले हुए या किसी भी प्रकार से अनुपयुक्त हैं, वहां शिकायतों का नियमानुसार समाधान कर स्मार्ट मीटर लगाए जाएं. अब संविदा कर्मियों के अलावा सभी नियमित कर्मचारियों को भी बायोमैट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही वेतन प्राप्त होगा. जो बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे, उन्हें तनख्वाह नहीं मिलेगी.