यूपी रोडवेज की अनोखी पहल: मूक-बधिर यात्रियों को ड्राइवर-कंडक्टर देंगे खास मदद

प्रयागराजः उत्तर प्रदेश रोडवेज ने मूक बधिरों की मदद के लिए पहल की है. उनकी मदद के लिए रोडवेज अपने चालकों और परिचालकों को खास तरह की ट्रेनिंग दे रहा है. इससे ऐसे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी. उन्हें रोडवेज बस में सफर के दौरान असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा.

प्रदेश की योगी सरकार दिव्यांगजनों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है. इसी क्रम में रोडवेज कर्मचारियों के लिए विशेष सांकेतिक भाषा पाठशाला शुरू की गई है, ताकि मूक-बधिर यात्रियों को बस यात्रा के दौरान संवाद में कोई दिक्कत न हो.

2533 परिचालकों को ट्रेनिंगः अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा सप्ताह (22 से 28 सितंबर) पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने विभिन्न डिपो और प्रशिक्षण संस्थानों में यह कार्यक्रम आयोजित किया. प्रयागराज परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक रविन्द्र कुमार ने बताया कि इस प्रशिक्षण में कुल 1304 परिचालकों और 1229 चालकों को शामिल किया गया है. शहर के राजापुर रोडवेज वर्कशॉप में आयोजित पहले चरण में 75 परिचालकों ने भाग लिया. बस संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए बाकी कर्मचारियों को प्रशिक्षण का वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराया जा रहा है.

संवाद स्थापित करने में होगी सहूलियत: रोडवेज के परिचालकों और चालकों को मूक बधिर दिव्यांग जन की मूलभूत सांकेतिक भाषा की ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी अखिल उत्तर प्रदेश बधिर संस्था लखनऊ ( AUPAD) द्वारा नामित पांच ट्रेनर्स को दी गई थीं. इन ट्रेनर्स ने इसे सम्पन्न कराया. उसमें अब्दुल मतीन, अजय कुमार, मोहित शुक्ला , मौसमी यादव और आकांक्षा यादव शामिल हैं. ट्रेनर्स ने परिचालकों को मुख्य तौर पर मूक बधिर भाषा में गंतव्य स्टेशन के संकेत और उनकी परेशानियों को समझने के संकेत के बारे में जानकारी दी. ट्रेनिंग लेने आए रोडवेज के परिचालक धीरेन्द्र चंदेल का कहना है कि इन यात्रियों का रोडवेज में किराया वैसे भी माफ रहता है इसलिए अंकों की जानकारी से अधिक गंतव्य स्थल की जानकारी ज्यादा जरूरी थी जिसे ट्रेनर्स ने उन्हें बखूबी समझाया.

परिचालक क्या बोलेः परिचालक संजय कुमार खरवार का कहना है कि पहली बार सांकेतिक भाषा की जानकारी उन्हें हुई. ट्रेनर्स ने मूक बधिरों की सांकेतिक भाषा में यात्रियों की तबीयत खराब होने की स्थिति में संकेतों की जो जानकारी दी. उससे मूक बधिर यात्रियों के साथ संवाद सुगम होगा.