लखनऊ : विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही तीन से छह अगस्त तक होनी थी, लेकिन विपक्षी दलों के लगातार विरोध के चलते पांच अगस्त को ही विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकालीन तक के लिए स्थगित कर दी गई. तीन अगस्त से लेकर पांच अगस्त तक विधानसभा की कार्यवाही विरोध प्रदर्शन के ही भेंट चढ़ गई.
पहला दिन समाजवादी पार्टी के दिवंगत विधायक आलम बदी समेत पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि देने के नाम रहा. दूसरे दिन सरकार की तरफ से विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश किया गया, लेकिन समाजवादी पार्टी के विभिन्न मुद्दों को लेकर भारी विरोध के चलते विधानसभा दोपहर तक ही चल पाई. तीसरे दिन बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही चल ही नहीं पाई. हंगामे के कारण लगातार तीन बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकालीन तक के लिए स्थगित कर दी गई.
विधानसभा सत्र स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा. मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान सपा का असली चेहरा देखने को मिला है. विधानसभा सत्र को हंगामे के हवाले करना, प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के साथ भारी अन्याय है.
सीएम योगी ने कहा, मानसून सत्र में युवाओं के लिए, अन्नदाता किसानों के लिए, आधी आबादी महिलाओं के लिए और गरीबों के लिए नई स्कीम, नई योजनाएं, युवाओं के इंप्लायमेंट के लिए, उनकी स्किलिंग के लिए, अन्नदाता किसानों के लिए कोई नई योजणा घोषित हो सके, गरीबों के कल्याण के लिए कुछ नए कार्यक्रम आगे बढ़ सकें और महिलाओं के सम्मान, उनके स्वाबलंबन के लिए भी कुछ अतिरिक्त प्रयास आगे बढ़ें.
इसके लिए सरकार 59,000 करोड़ रुपये से अधिक के अनपूरक बजट लेकर आई थी. नई योजनाओं को घोषित करने के लिए चर्चा विधानसभा में हो सके. इसके लिए उन कार्यक्रमों के साथ हम लोग आए थे, लेकिन समाजवादी पार्टी के नकारात्मक रवैये के कारण युवाओं के मुद्दे पर, अन्नदाता किसानों के मुद्दे पर, महिलाओं के स्वाबलंबन के मुद्दे पर या गरीबों के लिए बनने वाली वेलफेयर की नई स्कीमों के मुद्दे पर सदन में समाजवादी पार्टी ने कोई चर्चा नहीं होने दी.
इनका ये आचरण असंवैधानिक, युवा विरोधी, किसान विरोधी, महिला विरोधी और गरीब विरोधी भी है. 59,000 करोड़ रुपये से अधिक का अनपूरक बजट, इन नई मांगों के साथ साथ प्रदेश के इंफ्रस्ट्रक्चर को स्ट्रेंथनिंग के लिए, एक्सप्रेस वे के नेटवर्क को और बेहतर बनाने के लिए, जनप्रतिनिधियों ने डिमांड की थी, उसके लिए भी धनराशि का प्रावधान किया है. हमने प्रदेश के अंदर उस तबके के लिए जो अब तक प्रदेश के विकास में मजबूती के साथ लगकर काम कर रहा था, आंगनबाड़ी, आशा वर्कर, रसोईया, ग्राम चौकीदार, कोटेदार इन सबके साथ साथ उस हर एक तबके को छूने का प्रयास किया था, जिनके मानदेय बढ़ने हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन में वृद्धि चर्चा हो, जो लोग अब तक इन योजनाओं से जुड़ नहीं पाए थे उन लोगों को जोड़ने का प्रावधान हो, इन सब पे सदन में चर्चा हो, लेकिन समाजवादी पार्टी का नकारात्मक रवैया सदन में और सदस्यों की तरफ से उठाए जाने वाली इन महत्वपूर्ण मांगों को मजबूती के साथ आगे बढ़ा सकें. इसमें रुकावट बने, लेकिन उस सब के बावजूद विधान सभा ने सप्लिमेंटरी डिमांड को पारित किया है.
साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्सिंग कमीशन का गठन कर दिया है. एक न्यूनतम मानदेय हर एक आउटसोर्सिंग कर्मी को प्राप्त हो और उसको हर प्रकार की सामाजिक सुरक्षा की गारांटी भी प्राप्त हो, उसको हम बहुत शीघ्र आगे बढ़ाने जा रहे हैं. उसके लिए धनराशि की व्यवस्था हमने बजट में कर दी है. आंगनबाड़ी, आशा वर्कर, रसोईया, ग्राम चौकीदार, या कोटेदार इन सबके इंसेंटिव और इनके मानदेय को बढ़ाने के लिए भी धनराशि की व्यवस्था हम लोगों ने बजट में की हुई है. उसको भी हम अब विधानसभा से बजट पारित होने के उपरांत विधान परिषद में पारित होगा. विधान परिषद से पारित होने के बाद फिर इस बजट को हम लोग अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से उस तबके तक पहुचाने का काम भी करेंगे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी का ये चरित्र इस तबके को अपमानित करने वाला है, जो अल्प मानदेय प्राप्त करने के बावजूद प्रदेश के विकास के लिए और 25 करोड़ जनता जनार्दन की सेवा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं. इससे पहले भी इन्होंने शिक्षा मित्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया था. हमारी सरकार ने शिक्षा मित्रों के मानदेय को 10,000 से बढ़ाकर के 18,000 किया है. पहले 3,000 मानदेय मिलता था. हमने 3,000 से 10,000 किया. 10,000 से 18,000 किया और उन्हें पांच लाख रुपये की कैशलेस की सुविधा भी उपलब्ध करवाई.
अनुदेशकों को प्रदेश में 9,000 मिलता था, उनका 17,000 रुपये मानदेय किया और उन्हें कैशलेस की सुविधा भी उपलब्ध करवाई. बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा से जुड़े जितने भी शिक्षक हैं, इनके मानदेय को, इनको कैशलेस की सुविधा उपलब्ध करवाई. हमने तमाम तबके के लिए बेहतरीन स्कीम को लेकर, योजनाओं को लेकर हम सप्लिमेंट्री डिमांड्स लाए थे.
सामाजिक न्याय के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले उन सभी महापुरुषों के लिए, जिनमें भीमराव आंबेडकर हैं, जिनमें महर्षि बाल्मीकि हैं, संत शिरोमणि रविदास जी महाराज हैं, सामाजिक न्याय के पुरोधा के रूप में और महिला शिक्षा का पुरजोर समर्थन करने वाले संत ज्योतिबा फुले हैं, साहू जी महाराज हैं, लोकमाता अहिल्याबाई होलकर हैं, इन सब के बारे में भी हम लोगों ने इस बजट में प्रावधान किया है.
इसके अलावा 407 करोड़ रुपये उनकी मूर्तियों पे छाजन लगाने और सुरक्षित पार्क के लिए बाउंड्रीवाल के लिए इतनी धनराशि की व्यवस्था इस सप्लिमेंट्री डिमांड्स में थी. वह न पास हो इसके लिए समाजवादी पार्टी ने लगातार सदन की कार्यवाही को बाधित किया. लगातार व्यवधान पैदा करने का प्रयास किया, लेकिन इनके व्यवधान के बावजूद सप्लिमेंट्री डिमांड्स विधानसभा से पारित हुई हैं. विधानमंडल से पारित होने के बाद ये सभी कार्य तय सीमा के अनुरूप आगे बढ़ेंगे और सामाजिक न्याय के सभी पुरोधाओं को, सभी महापुरुषों को भी सम्मान मिलेगा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी के दोहरे चरित्र के खिलाफ जो दलित विरोधी है, पिछड़ा विरोधी है, युवा विरोधी है, किसान विरोधी है, महिला विरोधी है, गरीब विरोधी है, इन सब चेहरे का उजागर आज उत्तर प्रदेश सदन ने किया है. इन लोगों का चेहरा अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है. इस पूरे तबके के साथ अन्याय करने वाला रहा है. अनर्थ करने वाला रहा है.