यूपी सरकार का बड़ा फैसला: मंत्री अब 50 करोड़ तक के प्रोजेक्ट करेंगे मंजूर

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्त मंत्रालय की बैठक में महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किए हैं. इस बैठक में शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने कहा है कि 50 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट स्वीकृत करने का अधिकार मंत्रियों को होगा, जबकि वित्त मंत्री 150 करोड़ तक के प्रोजेक्ट स्वीकृत कर सकेंगे.

उन्होंने कहा है कि इसके ऊपर के प्रोजेक्ट स्वीकृत करने का अधिकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास ही होगा. लोक निर्माण विभाग की सड़क के अलावा शासकीय भवनों के निर्माण में भी 5 साल तक की अनुरक्षण (मेंटेनेंस) गारंटी ठेकेदारों से ली जाएगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के साथ यह महत्वपूर्ण बैठक ली. सरकार के प्रवक्ती की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, उन्होंने कहा है कि विभागीय मंत्री स्तर से 50 करोड़ रुपये, वित्त मंत्री 150 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट की वित्तीय स्वीकृति होगी, इससे ऊपर के लिए मुख्यमंत्री की मंजूरी जरूरी होगी.

मुख्यमंत्री का निर्देश है कि विभागों की वार्षिक कार्ययोजना 15 अप्रैल तक स्वीकृत हो जाए. परियोजना की लागत में 15% से ज्यादा बढ़ोतरी होने पर विभाग कारण सहित पुनः अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा.

उन्होंने कहा कि सड़क की तरह शासकीय भवनों के अनुरक्षण के लिये भी पांच वर्ष की अनुरक्षण व्यवस्था लागू की जाएगी. आशा व आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय हर माह तय तिथि को मिल जाए, केन्द्रांश की प्रतीक्षा न करें.

नीति आयोग व आरबीआई रिपोर्ट में यूपी की वित्तीय स्थिति में सतत सुधार के संकेत मिले हैं. कोषागार, बजट और पेंशन प्रणाली में डिजिटल सुधारों की प्रगति की मुख्यमंत्री ने समीक्षा की है. निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये थर्ड पार्टी ऑडिट और नई वर्गीकरण प्रणाली पर जोर दिया गया है.