योगी सरकार की नई एग्रीगेटर पॉलिसी: इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलेगी बड़ी छूट, जानें पूरी गाइडलाइन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जल्द ही एग्रीगेटर पॉलिसी लागू होगी. परिवहन विभाग की तरफ से इस पॉलिसी का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है. जल्द ही इस पर मुहर लग जाएगी. इसके बाद एग्रीगेटर्स को वाहन संचालित करने के लिए परिवहन विभाग से लाइसेंस लेना होगा. एग्रीगेटर्स पेट्रोल और सीएनजी वाहनों के अलावा फ्लीट में इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल कर सकेंगे. यह वाहन दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया होंगे. हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से लागू की गई इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण नीति-2022 के तहत जो नियम और शर्तें बनाई गई हैं वे एग्रीगेटर्स फर्म पर लागू होंगी. 10 से लेकर 25 इलेक्ट्रिक वाहनों की फ्लीट पर ही सब्सिडी का लाभ ऐसी फर्म या संस्थाएं ले पाएंगी.

अभी क्या प्रावधान है: उत्तर प्रदेश में खरीदे गये और पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहन की रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स में 100 फीसद छूट व सब्सिडी प्रोत्साहन योजना का प्रावधान किया गया है. बीती पांच नवम्बर को जारी की गई अधिसूचना के तहत उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण नीति-2022 के अधीन 14 अक्टूबर 2025 से 13 अक्टूबर 2027 के बीच खरीदे गये इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट प्रदान की गई है. इस अवधि में खरीदे गए और रजिस्टर्ड इलेक्ट्रिक वाहनों की अलग अलग कैटिगरी की गाड़ियों पर टैक्स और रोड टैक्स की शत-प्रतिशत सब्सिडी होगी. अब निजी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों की तरह ही एग्रीगेटर्स को भी इस छूट का फायदा दिया जाएगा.

एग्रीगेटर्स अधिकतम 10 दो पहिया, तीन पहिया या चार पहिया वाहन की खरीद पर छूट का लाभ पा सकेंगे. अधिकतम 25 ई बस व ई गुडस कैरियर खरीदने पर सब्सिडी का लाभ एग्रीगेटर्स को भी मिलेगा. परिवहन विभाग की तरफ से अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग से एग्रीगेटर पॉलिसी में फर्म को सब्सिडी दिए जाने के बाबत जानकारी हासिल की गई थी. इसके बाद शासन की तरफ से एग्रीगेटर यानी ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक प्रदाता, फूड डिलीवरी सर्विसेज, फ्लीट ऑपरेटर यानी होटल, कोरियर कंपनियां को इसमें शामिल किया. शर्त रखी गई है कि कंपनी फ्लीट ऑपरेटर या एग्रीगेटर के रूप में पंजीकृत होनी चाहिए तभी इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर उसे सब्सिडी का लाभ मिलेगा.

कितना मिलेगा लाभ
इलेक्ट्रिक बाइक खरीदने पर प्रति बाइक 5000 रुपए
चार पहिया वाहन की खरीद पर प्रति वाहन एक लाख रुपए
इलेक्ट्रिक बस खरीदने पर प्रति बस 20 लाख रुपए

फर्म कैसे पा सकती हैं सब्सिडी?
इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी पाने के लिए कंपनी, फर्म या कॉर्पोरेट संस्थाओं को वाहन का पंजीकरण प्रमाण पत्र, जीएसटी पंजीकरण, परमिट और अन्य वाहनों का रेंटल अनुबंध प्रस्तुत करना होगा. टूर ऑपरेटर में परमिट और अनुबंध, स्थानीय बस या कोच चार्टर का अनुबंध, परमिट. अन्य यात्रा या व्यवस्था से संबंधित सेवा कंपनी या फर्म का निगमन प्रमाण पत्र और कॉमर्शियल इस्तेमाल का प्रमाण पत्र, अनुबंध या व्यवसाय पंजीकरण, परिचालन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा.

परिवहन मंत्री क्या बोले: उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का कहना है कि प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है. लोग डीजल और पेट्रोल वाहनों को छोड़कर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदें जिससे पर्यावरण साफ सुथरा रहे, इसी को ध्यान में रखकर सब्सिडी की व्यवस्था उत्तर प्रदेश सरकार ने की है. अभी तक निजी वाहन स्वामियों को ही इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद पर सब्सिडी का लाभ मिलता था. अब एग्रीगेटर, कंपनियों और फर्मों को इस व्यवस्था में शामिल किया गया है. इसके तहत अब वे अपनी फ्लीट में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करेंगे तो सब्सिडी का लाभ पाएंगे. पॉलिसी में जो नियम और शर्तें रखी गई है उनका पालन करना होगा तो सब्सिडी का लाभ मिलेगा.