राष्ट्रीय युवा दिवस पर मेरठ के दिव्यांश टंडन को विवेकानंद यूथ अवार्ड, जानिए उनका योगदान

मेरठ : राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के 10 होनहार युवाओं को विवेकानंद यूथ अवार्ड से सम्मानित किया था. इनमें मेरठ के रहने वाले दिव्यांश टंडन भी शामिल थे. दिव्यांश ने पर्यावरण और जल संरक्षण समेत कई क्षेत्रों में काम करते हैं. दिव्यांश कवि भी हैं और अपनी कविताओं से युवाओं, महिलाओं को विभिन्न सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूक करते हैं. ईटीवी भारत ने दिव्यांश टंडन और उनके योगदान पर विस्तृत बातचीत की. पढ़ें पूरी खबर…मेरठ के दिव्यांश टंडन जल संरक्षण व समाजसेवा के क्षेत्र में काफी समय से एक सामाजिक संस्था के साथ जुड़कर कार्य कर रहे हैं. दिव्यांश ने जल संरक्षण अभियान के तहत गांवों, कस्बों, विद्यालयों, काॅलोनियों आदि में शिविर लगाते हैं. जहां जल संरक्षण के विभिन्न उपायों से जल की प्रत्येक बूंद को संचित करने के उपायों की जानकारी लोगों के बीच साझा करते हैं. साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं. स्वास्थ्य जागरूकता के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी सम्मानित किया है.दिव्यांश टंडन अलग-अलग मंचों पर जाकर देश के चर्चित कवियों के साथ काव्यपाठ भी करते हैं. दिव्यांश ओज के कवि हरिओम पंवार, अनामिका अंबर और सौरभ सुमन के मंचों पर भी सम्मान पा चुके हैं. इसके अलावा बरेली, लखनऊ, नोएडा, हरियाणा सहित कई प्रदेशों में अलग अलग मंचों पर ओजपूर्ण कविता पाठ करते हैं. दिव्यांश टंडन स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग से भी जुड़े हैं.दिव्यांश टंडन ने बताया कि बीते सोमवार राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित किया था. मुख्यमंत्री की तरफ से 50 हजार रुपये का चेक, स्वामी विवेकानंद की कांसे की प्रतिमा, प्रशस्ति पत्र और शॉल पुरस्कार के रूप में दिया गया है. इस अवसर पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक समेत कई मंत्री मौजूद थे. यह सम्मान युवा श्रेणी में प्रदेश का प्रमुख सम्मान है. इसके पहले दिव्यांश को केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा नेशनल वाटर हीरो अवार्ड, संस्कृति मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार जयवीर सिंह द्वारा काव्य क्षेत्र में सम्मानित किया जा चुका है.दिव्यांश टंडन का कहना है कि मेहनत ही सफलता की कुंजी है. यह सम्मान पाकर काफी उत्साहित हूं, अब अधिक ऊर्जा के साथ काम करेंगे. युवाओं के लिए यही संदेह है कि मेहनत और लगन से किसी कार्य में सफलता हासिल की जा सकती है. भाग्य का सहारा तभी मिलता है, जब मेहनत से आगे बढ़ते रहें. सफलता के लिए दोनों कुंजियों का होना आवश्यक है.