ललितपुर: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शुक्रवार को ललितपुर के दौरे पर पहुंचे. जहां उन्होंने गिन्नोंट बाग मैदान में तीन दिवसीय मंडलीय सरस मेला महोत्सव का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि अब ललितपुर में राष्ट्रीय स्तर का सरस मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें सात प्रदेशों की महिलाएं (दीदी) भाग लेंगी. उन्होंने देश में गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई किल्लत को लेकर कहा, गैस, पेट्रोल और डीजल की कमी की खबरें केवल अफवाह हैं. राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका देश हित से कोई लेना-देना नहीं है और वे केवल अफवाहें फैला रहे हैं. ऐसे लोगों का नाम ‘अफवाह गांधी’ और अफवाह यादव’ रख देना चाहिए.
स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर फोकस: केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री जी स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गरीबों को स्वरोजगार से अमीर बनाना चाहते हैं. यदि आप दीदियां खाने-पीने का सामान समूह के माध्यम से बड़े स्तर पर बनाना चाहती है और उसकी लागत 5 करोड़ रुपए है तो उस पर 1 करोड़ 75 लाख रुपया (35 प्रतिशत) अनुदान दिया जाता है. इसके साथ ही यदि इकाई में विद्युत का उपयोग होता है तो उसके लिए 90 प्रतिशत सोलर पैनल लगवाने के लिए अनुदान भी दिया जाता है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने नये कार्यालय ‘कर्तव्य भवन’ में पहले ही दिन 6 करोड़ दीदियों को लखपति दीदी बनाने की घोषणा की, जिसके क्रम में उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में 3 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उनमें से कम से कम 1 करोड़ दीदियों को लखपति दीदी बनाने का काम करेंगे. हमें ऐसा काम करना है कि ललितपुर की दीदियों के द्वारा बनाये गए उत्पाद देश में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में बिके. प्रधानमंत्री चाहते हैं कि देश की आधी आबादी सामर्थवान हो.
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा पहले मनरेगा बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता था, लेकिन प्रधानमंत्री जी ने इसे विकसित भारत जीरामजी कानून बनाकर भ्रष्टाचार को खत्म कर दिया है. पहले की सरकारें यदि गरीब को 1 रुपया देती थीं तो उसे केवल 15 पैसे ही मिल पाते थे, लेकिन प्रधानमंत्री जी ने सभी के बैंक खाते खुलवाकर योजना का लाभ सीधे पात्र लाभार्थी के खाते में डीबीटी के माध्यम से पहुंचता है.
उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले ललितपुर के सहरिया समुदाय के लोग काम की तलाश में दूसरे प्रदेशों के लिए पलायन करते थे, लेकिन अब उन्हें पलायन करने की जरुरत नहीं हैं, क्योंकि हमारी सरकार का खजाना उनको विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शक्तिशाली और समृद्धशाली बनाने के लिए खुला