लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश ग्राम विकास विभाग के अधीन निदेशक सोशल ऑडिट नियुक्त किया है. उन्होंने लखनऊ स्थित सोशल ऑडिट निदेशालय में पदभार ग्रहण कर लिया है. शैलेंद्र कुमार सिंह इससे पहले आगरा मंडल के मंडलायुक्त सहित कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य कर चुके हैं. लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद और मथुरा में जिलाधिकारी रहे हैं. निदेशक, सूडा भी रह चुके हैं. योगी सरकार ने उनकी नियुक्ति की घोषणा कर दी है.
यूपी के चीफ सेक्रेटरी का एक साल का कार्यकाल पूरा
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल का शुक्रवार को एक साल का कार्यकाल पूरा हो गया. 31 जुलाई 2025 को शशि प्रकाश गोयल ने मुख्य सचिव का कार्यभार संभाला था. मुख्य सचिव का एक साल का कार्यकाल काफी अच्छा रहा है. जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मुख्य सचिव के कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल के कार्यकाल में यूपी के विकास कार्यों में तेजी आई. हर सप्ताह वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विकास कार्यों की समीक्षा करते हैं. जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों के साथ नियमित बैठक कर विकास कार्यों की मॉनिटरिंग करते हैं. केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में मुख्य सचिव की अहम भूमिका है.
कब होंगे रिटायर और सफरनामा
31 जनवरी 2027 को सेवानिवृत्त होने तक वह मुख्य सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएंगे. 20 जनवरी 1967 को लखनऊ में शशि प्रकाश गोयल का जन्म हुआ था.1989 बैच के IAS अधिकारी हैं. वर्तमान मुख्य सचिव अपने बैच के टॉपर और गोल्ड मेडलिस्ट हैं.
बीएससी ऑनर्स, एमसीए और इंटरनेशनल बिजनेस में एग्जीक्यूटिव MBA कर चुके हैं. वर्ष 1990 में इटावा से सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में उनका प्रशासनिक सफर शुरू हुआ था. मुख्य सचिव एसपी गोयल।इटावा, देवरिया, मथुरा, प्रयागराज और अलीगढ़ के जिलाधिकारी रह चुके हैं. वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव बने थे. 2020 में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव और 2025 में आइएएस शशि प्रकाश गोयल यूपी के मुख्य सचिव बने थे.