लखनऊ को जाम मुक्त बनाने का मास्टर प्ला…चौराहों के पास नो पार्किंग, ऑटो-बस रोकने पर पाबंदी

लखनऊ: राजधानी की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए शनिवार को लखनऊ स्मार्ट सिटी सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर और मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुलिस, नगर निगम, LDA, मेट्रो और NHAI के आलाधिकारी शामिल हुए.

बैठक के दौरान में लखनऊ शहर में वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए अल्पकालिक और दीर्घकालिक समाधानों पर मुहर लगाई गई.

चौराहों पर जीरो टॉलरेंस और नो पार्किंग​: मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी प्रमुख चौराहों की 50 मीटर की परिधि में ‘नो पार्किंग’ जोन का कड़ाई पालन किया जाए.

​सवारी उतारने पर पाबंदी: चौराहे पर रुककर सवारी उतारने या चढ़ाने वाले ई-रिक्शा, ऑटो, टेंपो या बसों पर सख्त कार्रवाई होगी.

बुनियादी ढांचे का विकास: बैठक में तय किया गया कि लुलु मॉल के सामने प्रस्तावित अंडरपास का काम जल्द शुरू होगा. मंडलायुक्त ने इसे 31 मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया है.

​शहीद पथ पर सर्वे: जिलाधिकारी विशाख जी ने शहीद पथ पर यातायात सुगम करने के लिए अतिरिक्त अंडरपास की संभावना तलाशने के निर्देश दिए.

​मल्टीलेवल पार्किंग: हजरतगंज और कैसरबाग क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम करने के लिए कलेक्ट्रेट, बस अड्डा और चकबस्त की मल्टीलेवल पार्किंग को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए.

अतिक्रमण और वेंडिंग जोन: ​फिनिक्स प्लासियो मॉल के पास LDA की जमीन से अतिक्रमण हटाकर वहां बस-वे बनाने का आदेश दिया गया, ताकि मुख्य सड़क पर बसें खड़ी न हों.

​सड़क किनारे सख्ती: सड़क किनारे ठेला-खोमचा और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए अलग जोन चिन्हित होंगे. सड़क पर अवैध कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

3000 वाहनों की क्षमता वाली नई पार्किंग: ​संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि डिफेंस एक्सपो, इकाना स्टेडियम और जनेश्वर मिश्र पार्क जैसे स्थलों पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कम से कम 3000 वाहनों की क्षमता वाली नई मल्टीलेवल/अंडरग्राउंड पार्किंग की जरूरत है. LDA को इसके लिए भूमि चिन्हित करने को कहा गया है.

पुलिस और प्रवर्तन ​ट्रैफिक कंसल्टेंट: शहर के ट्रैफिक का वैज्ञानिक सर्वे कराने के लिए एक प्रोफेशनल ट्रैफिक कंसल्टेंट की सेवाएं ली जाएंगी.

​पीक आवर्स में तैनाती: व्यस्त समय के दौरान चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा. ​

ITMS का विस्तार: सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी और आईटीएमएस के जरिए ई-चालान प्रणाली को और प्रभावी बनाया जाएगा.