लखनऊ में निगम की सख्ती: सीलिंग-कुर्की कार्रवाई से ₹5 लाख की वसूली

लखनऊ : नगर निगम लखनऊ ने कर चोरी करने वाले बड़े बकायेदारों पर शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है. जोन-1, 3, 4 और 5 में चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान 24 से अधिक भवनों पर सीलिंग और कुर्की की कार्रवाई की गई. मौके पर 5 लाख 88 हजार रुपये से अधिक की वसूली हुई. नगर आयुक्त ने कहा है कि टैक्स नहीं देने वालों को अब किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.

नगर निगम की टीम ने जोन-1 में कुल 6 भवनों पर कार्रवाई की. इसमें भवन संख्या 162/006, 162/059 और 162/193 (अरसतल चौराहा) से बकाया राशि की वसूली की गई. वहीं, भवन संख्या 162/055 अस्तबल चारबाग भवन स्वामी रईस से 66906.66 रुपये और 191/069 बाग शेरगंज भवन स्वामी मोहम्मद हमीद पर 190011.01 रुपये बकाया होने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई.

जोन-3 में सबसे बड़ी रिकवरी : जोन- 3 में निगम प्रशासन ने सबसे अधिक 10 भवनों पर कार्रवाई की. दिलकुशा प्लाजा स्थित भवन संख्या एसएसएलजी/बी-001 भवन स्वामी सुहैल अहमद पर बकाया 1,73,212.92 रुपये व बी-12 भवन स्वामी नेर सिंह त्रिपाठी पर 1,73,212.92 रुपये बकाया होने पर सीलिंग की गई. इसके अलावा, फैजुल्लागंज में भवन संख्या 537/025/139 एवं 537/005/001 पर भी कार्रवाई की गई.

भवन संख्या 537/163 एवं 537/38-सीसी से 1,05,965.76 रुपये और 1,34,674.77 रुपये की वसूली हुई. वहीं, भवन संख्या 537/23-सीसी पर 1,57,859.65 रुपये बकाया होने पर सीलिंग कर दी गई. इसी ज़ोन के गौरीगंज स्थित भवन संख्या 613/NEW-2CC से कुर्की के दौरान 40,000.00 रुपये की वसूली की गई.

जोन-4 में पेपरमिल वॉर्ड पर शिकंजा : पेपरमिल वॉर्ड स्थित जोन- 4 में निगम की टीम ने कुल 2 भवनों पर कुर्की की, जिसमें 78,000 रुपये की वसूली की गई. इसके अलावा 4 भवनों को सील किया गया. निगम की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य बकायेदारों पर भी दबाव बढ़ा है कि वे जल्द अपने कर का भुगतान करें.

जोन- 5 में भी सख्त कार्रवाई : जोन-5 में कुल 6 भवनों को निगम ने निशाने पर लिया. अशरफाबाद नगर स्थित भवन संख्या 272 आशुतोष नगर भवन स्वामी श्रीमती शकुन्तला दीक्षित पर बकाया 87116 रुपये, भवन संख्या 325/5 इंद्रलोक भवन स्वामी राजेश प्रसाद पर बकाया 68918 रुपये एवं 155/ जाफ़र खेड़ा भवन स्वामी जगत प्रकाश पर 50085 रुपये की वसूली की गई.

वहीं, इन्द्रलोक स्थित भवन संख्या जी/233 भवन स्वामी अरुण शुक्ल से 137799 रुपये एवं एम-040,041 भवन स्वामी अवतार सिंह पर 76180 रुपये बकाया पर सीलिंग/मार्किंग की गई. इन्द्रलोक के ही भवन संख्या 32,033 भवन स्वामी कल्पना तिवारी पर 53103 रुपये बकाया होने पर कुर्की के दौरान 25,000 रुपये की वसूली हुई.

नगर आयुक्त का सख्त रुख : नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा है कि बड़े बकायेदारों को अब किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अधिकारी बकायेदारों पर कार्रवाई में ढिलाई बरतेंगे, तो उन्हें भी कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा. नगर आयुक्त ने विशेष रूप से जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे लगातार ऐसे बकायेदारों के खिलाफ अभियान चलाएं और समय से राजस्व वसूली करें.

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि बकायेदार समय पर कर का भुगतान नहीं करेंगे तो उनकी संपत्तियों को सील या कुर्क करने में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. नगर निगम में भवन कर अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि बड़े बकायेदारों में लुलु मॉल, सेंट्रम होटल के साथ अन्य कई कमर्शियल भवन हैं जिन पर करोड़ों का बकाया है. लुलु मॉल और सेंट्रम होटल का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है. कोर्ट के फैसले के बाद बड़े बकायेदारों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.