विदेश मंत्री जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री अल थानी से मुलाकात की, दोनों में क्या हुई बातचीत?

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दोहा में कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की, जिसमें व्यापार और ऊर्जा जैसे क्षेत्र शामिल हैं. माइक्रो ब्लॉगिंग साइट एक्स पर एक पोस्ट में बैठक का विवरण साझा करते हुए जयशंकर ने कहा कि उन्होंने पश्चिम एशिया, क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया.

 

उन्होंने कहा, “दोहा में कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अल थानी से मिलकर प्रसन्नता हुई. एनर्जी, व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संपर्क सहित हमारी रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख पहलुओं की समीक्षा की. मध्य पूर्व, क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों के आदान-प्रदान की सराहना करता हूं.”पीयूष गोयल ने किया था कतर का दौरा

उच्च स्तरीय वार्ताओं का यह सिलसिला अक्टूबर की शुरुआत में उस समय शुरू हुआ था, जब केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कतर का दौरा किया और कई कतरी नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं. उन्होंने कतर विकास बैंक (QDB) के सीईओ अब्दुलरहमान हेशाम अल-सौवेदी से मुलाकात की.

 

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें कतर के व्यवसायों द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था द्वारा प्रस्तुत अवसरों में रुचि लेने पर प्रसन्नता हो रही है. मंत्री ने कतर के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री फैसल बिन थानी के साथ आर्थिक एवं वाणिज्यिक सहयोग पर भारत-कतर संयुक्त आयोग की बैठक की सह-अध्यक्षता भी की.

पीएम मोदी और कतर के अमील अल-थानी ने की बातचीत
याद दिला दें कि सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से बात की थी और भारत-कतर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी. दोनों नेताओं ने भारत-कतर रणनीतिक साझेदारी में निरंतर प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, जिसमें व्यापार, निवेश और सुरक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में निरंतर वृद्धि देखी गई है.

एक प्रेस रिलीज के अनुसार उन्होंने आपसी हित के सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए अपनी पारस्परिक प्रतिबद्धता दोहराई थी. साथ ही दोनों नेताओं ने निकट संपर्क में रहने और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक संबंधों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने, निकट संपर्क में रहने और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक संबंधों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई थी.

इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में दोहा में इजराइल द्वारा हमास नेताओं पर किए गए हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की और कतर की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की. उन्होंने कतर के प्रति भारत के समर्थन और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देने के उसके प्रयासों पर जोर दिया.

प्रधानमंत्री मोदी ने गाजा संघर्ष में कतर की मध्यस्थता की भूमिका की भी सराहना की, जिसमें युद्धविराम सुनिश्चित करने और बंधकों की रिहाई में उसके प्रयास शामिल हैं. इसके जवाब में शेख तमीम ने इस चुनौतीपूर्ण दौर में कतर और उसके लोगों के साथ उनकी एकजुटता के लिए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया. अमीर ने क्षेत्र में शांति को बढ़ावा देने में भारत के निरंतर समर्थन की भी सराहना की.