शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात! मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना से इलाज होगा आसान

आगरा : सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगरा से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरूआत की. इस योजना से उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारी लाभान्वित होंगे. योजना में शिक्षकों के सेहत के साथ जेब का भी ख्याल रखा गया है. साथ ही यूजीसी के शिक्षकों ने भी इस योजना में शामिल किए जाने की उम्मीद जताई है.

बता दें, सीएम योगी ने रविवार को गुरु पूर्णिमा से पहले उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात आगरा से दी थी. इसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत करीब 7.5 लाख से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ दिया जाएगा. योजना में अभी पांच लाख रुपये और बाद में 10 से 12 लाख रुपये तक के कैशलेस तक बढ़ाने बात कही है.

मथुरा के बीएसए कॉलेज के शिक्षक डॉ. राजनाथ ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए अच्छी है. इस योजना का लाभ हम सभी को मिलने से जेब पर अधिक भार नहीं पड़ेगा. शिक्षक डॉ. धर्मेंद चौधरी ने बताया कि बीमारी एक आपदा के रूप में आती है. वर्तमान में इलाज बहुत महंगा हो गया है. निश्चित रूप से कैशलेस योजना शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए वरदान है.

डॉ. भीमराव आंबडेकर विश्वविद्यालय में होम साइंस संस्थान की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि शर्मा का कहना है कि कि अचानक से बीमारी या हादसा होने पर तत्काल उपचार के लिए रकम बेहद जरूरी है. ऐसे समय एक लाख रुपये भी बहुत होते हैं. सरकार की योजना से तत्काल कैशलेस उपचार मिल जाएगा. यदि कोई बीमारी बड़ी हुई तो बात अलग है. हालांकि छोटी बीमारी की दशा में बेहतर उपचार मिल जाएगा.

दयालबाग शिक्षण संस्थान की प्रोफेसर डॉ. शर्मिता गुप्ता का कहना है कि जिन शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए योजना बहुत अच्छी है. अभी यह योजना केवल प्रदेश के शिक्षकों को मिल रही है. हम यूजीसी के शिक्षक हैं. हमें अभी इसका लाभ नहीं मिल रहा है. उम्मीद है कि सरकार हमें भी जल्द ही इस योजना में शामिल करेगी.

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बॉयोटेक्नॉजी की प्रोफेसर डॉ. मोनिका अस्थाना का कहना है कि शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना बहुत अच्छी योजना है. एक स्वस्थ्य शिक्षक ही एक स्वस्थ्य माहौल पैदा कर सकता है. सीएम योगी की यह पहल बेहद प्रशंसनीय है. बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. अनुपम सक्सेना के मुताबिक बहुत अच्छी योजना है. बेसिक में यूपी सरकार ने जब मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू की थी. तभी से हम लोग भी इस योजना का इंतजार कर रहे थे.

पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज : मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना के तहत प्रदेश के विश्वविद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और स्ववित्तपोषित संस्थानों में कार्यरत 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा. इस योजना में प्रत्येक पात्र परिवार को सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में हर साल पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी. योजना के कार्ड की खासियत है कि कार्ड बनने के पहले ही दिन से लाभार्थी उपयोग कर सकेंगे.

कैंसर, दिल की बीमारी का भी इलाज होगा : मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना में आयुष्मान भारत योजना की ही दरें लागू होंगी. जिससे पैनल में शामिल सरकारी और निजी अस्पतालों में 1900 से अधिक बीमारियों के इलाज का पैकेज मिलेगा. जिसमें कैंसर, हृदय रोग, किडनी की समस्या और बड़ी सर्जरी जैसे गंभीर और महंगे इलाज भी शामिल हैं. इसके लिए सभी जिलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर कार्ड वितरित किए जाएंगे.

कैशलेस इलाज के साथ 1.5 करोड़ का बीमा कवर : मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना के दायरे में 50 हजार से अधिक शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है. जिससे प्रदेश के लगभग 10 लाख लोगों को स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा का सीधा लाभ मिलेगा. इसमें अनहोनी या दुर्घटना की स्थिति में शिक्षकों के परिवार को 1.5 करोड़ रुपये से 3 करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता राशि, अस्पताल में 60 हजार रुपये तक का नकद लाभ और 12 लाख रुपये तक का टर्म लाइफ बीमा कवर प्रदान किया जाएगा.