संभल का विकास सरकार की प्राथमिकता” — सीएम योगी ने कहा, प्राचीन तीर्थों व कूपों का होगा पुनरुद्धार

लखनऊ/संभल : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में रविवार को संभल जिले की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने यहां चल रहे विकास कार्यों के बारे में जाना. कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की. शासन व जनपद के अधिकारियों को निर्देशित किया कि चरणबद्ध तरीके से संभल का विकास करें. संभल का विकास सरकार की प्राथमिकता है. वहीं जिलाधिकारी संभल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, संभल को नए पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए ₹211 करोड़ का अनुपूरक बजट और अगले दो वर्षों के लिए ₹200 करोड़ का प्रावधान किया गया है.

 

सीएम योगी ने निर्देश दिया कि पहले चरण में प्राचीन तीर्थों व कूपों का पुनरुद्धार कराएं. दूसरे चरण में म्यूजियम व लाइट एंड साउंड आदि विकास कार्यों पर फोकस रखें. मुख्यमंत्री ने संभल में जनपद न्यायालय, कारागार व पीएसी के निर्माण की प्रक्रिया पर जल्द कार्रवाई के लिए भी कहा.

 

कई विभागों के कार्यों की समीक्षा की : उन्होंने राजस्व, गृह, न्याय, धर्मार्थ कार्य, लोक निर्माण, पर्यटन-संस्कृति, नगर विकास समेत कई विभागों के कार्यों की समीक्षा की. सीएम योगी ने कहा कि संभल में 68 तीर्थ व 19 कूप हैं. प्रदेश सरकार इन तीर्थों के जीर्णोद्धार व पहचान के लिए कार्य कर रही है. स्थानीय प्रशासन को इन कार्यों को तेज गति से कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड कॉम्पलेक्स भवन में सभी विभागों का कार्यालय हो.

 

आवासीय व गैर आवासीय भवन के लिए क्रय की गई भूमि : मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि आवासीय व गैर आवासीय भवन के लिए 93 फीसदी भूमि क्रय कर ली गई है. मुख्यमंत्री ने डीपीआर बनाने के साथ कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. जनपद न्यायालय, कारागार व पीएसी की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई में भी तेजी लाने के निर्देश दिए.

 

‘सार्वजनिक सुविधाएं बढ़ाई जाएं’ : निर्देश दिया कि 24 कोसीय परिक्रमा के साथ ही महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के समीप भूमि अधिग्रहण, सड़क निर्माण व सार्वजनिक सुविधाएं बढ़ाई जाएं. मुख्यमंत्री ने महिष्मती नदी के पुनरुद्धार कार्य की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि नदियां जीवनदायिनी हैं. सरकार नदियों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि नमामि गंगे के अंतर्गत प्रोजेक्ट तैयार कराकर पुनरुद्धार कार्य में तेजी लाई जाए.

योजनाओं की प्रगति के बारे में ली जानकारी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर विकास विभाग की वंदन योजना, मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना, अंत्येष्टि स्थल विकास योजना, नगरीय जल विकास योजना, झील/पोखर/तालाब योजना व पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत होने वाले कार्यों की प्रगति के बारे में जाना और निर्देश दिया कि इन कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करें.

संभल में होगा आधुनिक एकीकृत कलक्ट्रेट भवन के निर्माण : संभल के जिलाधिकारी डॉ राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि सबसे बड़ा फैसला आधुनिक एकीकृत कलक्ट्रेट भवन के निर्माण का है. सीएम ने 15 दिन में DPR तैयार करने और तुरंत काम शुरू करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही संभल में नए जिला चिकित्सालय के निर्माण को हरी झंडी मिल गई है.

उन्होंने बताया कि सरकार ने संभल में जिला कारागार और 24वीं PAC वाहिनी की स्थापना का फैसला लिया है. गृह विभाग को कार्यदायी संस्था तुरंत नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे अब संभल की सुरक्षा को ‘स्टील शील्ड’ मिलने की तैयारी है.

उन्होंने बताया कि संभल के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक गौरव को सम्मान देने के लिए सम्राट पृथ्वीराज चौहान और महारानी अहिल्याबाई होल्कर की भव्य प्रतिमाएं नगर पालिका परिषद संभल में स्थापित की जाएंगी. संभल में जनपद न्यायालय की स्थापना का आदेश जारी हो चुका है. फंड अवमुक्त करने और निर्माण के लिये कार्यदायी संस्था नामित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

उन्होंने बताया कि आस्था से जुड़े 24 कोसी परिक्रमा मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण, दो-लेन सड़क और सार्वजनिक सुविधाओं पर तत्काल बजट जारी करने का आदेश मिला है. धार्मिक पर्यटन को गति देने के लिए 12 प्राचीन तीर्थस्थलों के जीर्णोद्धार के लिये 12.94 करोड़ रुपये मंज़ूर किए गए हैं.

संभल को नए पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए ₹211 करोड़ का अनुपूरक बजट और अगले दो वर्षों के लिए ₹200 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इसमें लाइट एंड साउंड शो, संभल कल्कि संग्रहालय, प्राचीन कूपों का पुनरुद्धार और तीर्थ सुविधाएं शामिल होंगी. इसके लिए ‘संभल कल्कि तीर्थ विकास परिषद’ का गठन शुरू हो चुका है.