संभल हिंसा पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट पेश, जिले में जनसंख्या अनुपात में बड़ा बदलाव दर्ज

लखनऊ : संभल हिंसा में न्यायिक जांच आयोग ने 450 पन्ने की रिपोर्ट सीएम योगी को सौंप दी है. इसमें पहले की तुलना में हिंदू आबादी कम होने की बात लिखी गई है. आजादी के बाद से अब तक संभल में कितनी बार दंगे हुए, इसका भी जिक्र है. मस्जिद में सर्वे के दौरान साल 2024 में 24 नवंबर को हुए दंगे के बाद जांच के लिए आयोग का गठन किया गया था.

रिपोर्ट को अभी गोपनीय रखा गया है. हालांकि इसके बावजूद इसके कुछ अंश लीक हो गए हैं. सूत्रों का कहना है कि आयोग की तरफ से रिपोर्ट में कब-कब दंगे हुए?, इसमें कितने जान-माल का नुकसान हुआ?, इसके बारे में जानकारी दी गई है. बताया गया है कि 1947 के बाद साल 2024 तक संभल में करीब 15 दंगे हुए हैं. ये दंगे 1948, 1953, 1958, 1962, 1976, 1974, 1980, 1990, 1992, 1995, 2001, 2019 के बाद 2024 में भी दंगे हुए.

रिपोर्ट में कहा गया है कि संभल कई अराजकतत्व और आतंकवादी संगठनों से जुड़े लोगों का बड़ा हब है. यहां पर हुए दंगों में विदेशी हथियारों के प्रयोग के भी सबूत मिले हैं. सूत्रों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यहां तेजी से डेमोग्राफिक बदलाव हुआ है. यहां कभी 45 फीसदी हिंदू आबादी रहती थी, अब यह घटकर 15 से 20 प्रतिशत ही रह गई है. जबकि आजादी के समय संभल में मुसलमानों की आबादी करीब 55% थी जो हाल के वर्षों में बढ़कर करीब 85% के आसपास पहुंच गई है.

संभल में पिछले साल मस्जिद के सर्वे के दौरान दंगा हो गया था. इसके बाद सरकार की ओर से जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया था. इस आयोग में इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा, रिटायर्ड आईएएस अमित मोहन, रिटायर्ड आईपीएस अरविंद कुमार जैन को रखा गया था.