सड़क सुरक्षा मित्र अब राहगीरों को देंगे सही दिशा और पढ़ाएंगे यातायात नियम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर लगातार परिवहन विभाग की तरफ से अभियान चलाए जाते हैं. जागरूकता कार्यक्रम भी होते हैं, लेकिन दुर्घटनाएं हैं, कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. हादसों का ग्राफ कम होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में अब परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा मित्रों की मदद लेगा. इनके सहारे सड़क सुरक्षा को बेहतर किया जाएगा.

रोड सेफ्टी मित्र ट्रेनिंग लेकर सड़क पर उतरेंगे और ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर विभाग को अवगत कराएंगे, साथ ही जनता को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी करेंगे. 38 सड़क सुरक्षा मित्रों को सोमवार को लखनऊ आरटीओ के फिटनेस सेंटर पर वर्कशाप आयोजित कर ट्रेनिंग दी गई. सात दिन तक यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेगा. इसके बाद सड़क सुरक्षा मित्र सड़क पर उतरेंगे.

उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों में जागरूकता फैलाने के मकसद से ‘सड़क सुरक्षा मित्र’ कार्यक्रम और ‘राहवीर’ योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है. इन योजनाओं के तहत सभी जिलों में सक्रियता बढ़ा दी गई है. सोमवार को लखनऊ स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय के फिटनेस ग्राउंड पर सड़क सुरक्षा मित्रों के लिए सात दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया.

38 युवक-युवतियों का चयन: प्रशिक्षण में चयनित 38 युवक-युवतियां हिस्सा ले रहे हैं. कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को यातायात नियमों की जानकारी, दुर्घटना के समय प्राथमिक चिकित्सा सहायता और सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की ट्रेनिंग दी जा रही है. ट्रेनिंग के पहले दिन आरटीओ प्रवर्तन, एसीपी ट्रैफिक, एआरटीओ प्रवर्तन, टीआई यातायात, एमवीआई और यातायात पार्क के सेफ्टी मैनेजर ने प्रतिभागियों को जानकारी दी. अधिकारियों ने सड़क दुर्घटनाओं के कारणों, बचाव के उपायों और मौके पर तत्काल सहायता की भूमिका को समझाया.

प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लखनऊ जोन के आरटीओ (प्रवर्तन) प्रभात पाण्डेय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है. इसके लिए युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें जिम्मेदारी दी जा रही है. सड़क सुरक्षा मित्र ब्लैक स्पॉट की पहचान कर प्रशासन को अवगत कराएंगे और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे. एसीपी ट्रैफिक (साउथ) राधा रमण सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा मित्र समाज और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेंगे. ये युवा न सिर्फ यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे, बल्कि दुर्घटना के समय तत्काल सहायता पहुंचाकर कई लोगों की जान भी बचा सकते हैं.

ट्रेनिंग के दौरान एआरटीओ (प्रवर्तन) आलोक कुमार यादव, पीटीओ अनीता वर्मा, पीटीओ सूर्य प्रताप देव, पीटीओ आभा त्रिपाठी, एमवीआई विष्णु कुमार, एमवीआई प्रशांत कुमार और यातायात पार्क के सेफ्टी मैनेजर सुमित मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

क्या है ‘सड़क सुरक्षा मित्र’ योजना: भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और युवा मामले व खेल मंत्रालय की ये पहल है. My Bharat पोर्टल के माध्यम से इसे संचालित किया जा रहा है. इसके तहत 18 से 28 साल के युवाओं को जोड़ा जा रहा है. उन्हें प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाता है. ये प्रशिक्षित युवा ब्लैक स्पॉट की पहचान, रोड सेफ्टी ऑडिट और जागरूकता अभियान चलाने में पुलिस और प्रशासन की सहायता करते हैं.