लखनऊ के लोक भवन में शुक्रवार को आयोजित एक बड़े समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिन उद्यमियों को प्रोत्साहन स्वरूप इंसेंटिव का चेक और लेटर ऑफ कम्फर्ट प्रदान किया, उनमें से गोरखपुर की दो औद्योगिक इकाइयों के प्रमुख भी शामिल रहे।
गैलेंट इस्पात ग्रुप को इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी के तहत 24 करोड़ 21 लाख 64 हजार 973 रुपये की धनराशि की इंसेंटिव और ज्ञान ब्रांड से दुग्ध और प्रसंस्कृत दुग्ध उत्पाद तैयार करने वाले सीपी मिल्क एंड फूड प्रोड्क्टस प्राइवेट लिमिटेड को लेटर ऑफ कम्फर्ट प्राप्त हुआ। उद्यमियों ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में बेहतर माहौल तो उद्योग के साथ रोजगार में भी बढ़ोतरी हो रही है।
सरकार जितना पैसा देगी उसका दस गुना निवेश करेंगे
गैलेंट इस्पात के सीएमडी चंद प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार जितना पैसा देगी, उसका दस गुना निवेश करेंगे। गैलेंट समूह ने गोरखपुर में वर्ष 2006 से 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है और इसमें आधे से भी ज्यादा निवेश योगी सरकार में किया गया है।
आज हम औद्योगिक इकाइयों को 1300 करोड़ की राशि जीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में दी जा रही है और ये इसलिए संभव हो सका है कि हम उद्योग चला सकें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में शासन और प्रशासन में ईमानदारी और पारदर्शिता का जो वातावरण संभव हो सका है वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। यह कहने में कोई गुरेज नहीं कि अविवादित रूप से जो अनुदान उपलब्ध हो पाया है वह 2017 की पॉलिसी के तहत मिला है।
सीएम योगी के नेतृत्व में आई औद्योगिक विकास में तेजी :
गैलेंट इस्पात लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मयंक अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों 24 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश इंसेंटिव का चेक मिलने से समूचा गैलेंट परिवार खुशी से झूम उठा है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी औद्योगिक प्रगति में खासी तेजी आई है।
इसका प्रमुख कारण है लॉ एंड ऑर्डर की मजबूती और उद्योगों के लिए प्रोत्साहनदायी नीतियां। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बेहतरीन होने से उद्यमियों ने पूंजी निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई और आज उसी का परिणाम है कि पूरे प्रदेश में औद्योगिकीकरण तीव्र होता जा रहा है।
लेटर ऑफ कम्फर्ट से बढ़ा प्रोत्साहन :
ज्ञान ब्रांड वाले सीपी मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की गीडा, गोरखपुर स्थित यूनिट को लेटर ऑफ कम्फर्ट मिला है। सीपी मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के महाप्रबंधक जीपी तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने यह पहल करके इस उद्यम को और मजबूत किया, इससे हमारा प्रोत्साहन और बढ़ा है।
उन्होंने बताया कि गोरखपुर और आसपास दुग्ध प्रसंस्करण के क्षेत्र में उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार की नीतियों के प्रोत्साहन से 84.20 करोड़ रुपये की लागत से यह यूनिट लगाई गई है। अभी इस यूनिट में करीब 200 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है जिनमें स्थानीय लोगों की संख्या अधिक है। राज्य सरकार की औद्योगिक विकास की नीति से उद्यमिता के नए आयाम खुल रहे हैं।
पेप्सिको की यूनिट में मिलेगा 1500 लोगों को रोजगार :
लखनऊ में हुए कार्यक्रम में सीएम योगी ने ग्लोबल ब्रांड पेप्सिको की फ्रेंचाइजी मेसर्स वरुण ब्रेवरेज लिमिटेड की हरदोई यूनिट को भी 98 करोड़ 66 लाख रुपये की इंसेंटिव का चेक दिया। यह चेक कार्यकारी निदेशक कमलेश जैन ने प्राप्त किया। वरुण ब्रेवरेज की गोरखपुर यूनिट में भी कमर्शियल उत्पादन शुरू हो चुका है।
इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री ने किया था और आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री के ही हाथों इसका औपचारिक उद्घाटन कराने की तैयारी है। वरुण ब्रेवरेज लिमिटेड, गोरखपुर के उप महाप्रबंधक (प्रशासन एवं कार्मिक) हिमांशु ठाकुर बताते हैं कि प्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास नीति से इस यूनिट को काफी सुविधा और सहूलियत मिली है।
अभी यहां करीब 250 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इनमें से करीब दो तिहाई कार्मिक पूर्वी उत्तर प्रदेश के हैं। पूर्ण क्षमता पर यूनिट चलने लगेगी तो यहां कुल मिलाकर 1500 लोगों को रोजगार मिलेगा।
अरबपतियों की सूची में गैलेंट ग्रुप को यूपी में 10 वां स्थान
देश के अरबपतियों की सूची हुरुन – इंडिया रिचलिस्ट ने जारी की है, जिसमें गोरखपुर के गैलेंट ग्रुप के चंद्र प्रकाश अग्रवाल 758 वें नंबर और यूपी में दसवें नंबर पर हैं। गैलेंट ग्रुप गोरखपुर और गुजरात में सरिया की फैक्ट्री, सीमेंट, आटा, सूजी के साथ ही होटल इंडस्ट्री और रियल इस्टेट में कारोबार को आगे बढ़ाया है। जिसका परिणाम है कि इस ग्रुप का शेयर बाजार में भी तेजी से उछाल आया है। इस ग्रुप की कुल संपत्ति 3200 करोड़ रुपये है।
गैलेंट ग्रुप के सीएमडी चंद्र प्रकाश अग्रवाल का कहना है कि प्रदेश में उद्योग के लायक माहौल बना है। इसके चलते कंपनी ने कई सेक्टर में निवेश किया। इसका परिणाम दिखने लगा है। वे कहते हैं, वर्ष 2022 में गैलेंट ग्रुप ने सीमेंट के उत्पादन में कदम रखा था। यूनिट में प्रति वर्ष छह लाख टन सीमेंट का उत्पादन किया जा रहा है। कंपनी में करीब 4000 कर्मचारी हैं।