सीएम योगी के वाराणसी दौरे में बना नया रिकॉर्ड, 2.51 लाख से अधिक पौधारोपण

वाराणसी: बनारस ने पर्यावरण संरक्षण में इतिहास दर्ज कर दिया है. जी हां, एक घंटे के भीतर वाराणसी ने 251446 पौधों का सफल रोपण कर चीन के 8 साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया. अब ये इतिहास गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है. खास बात यह है कि इस इतिहास की तस्वीर वाराणसी के सुजाबाद डोमरी क्षेत्र में आयोजित ‘वृहद पौधरोपण कार्यक्रम’ में दिखाई दी. इससे पहले CM योगी दो दिवसीय दौरे पर काशी में हैं.

 

चीन का 2018 का रिकॉर्ड अब बीती बात बता दे कि, इस उपलब्धि का सर्टिफिकेट गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के जज ऋषि नाथ ने महापौर अशोक कुमार तिवारी व हिमांशु पाल को सौंपा. इस ऐतिहासिक पल को दर्ज करने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम सुबह से ही डोमरी में मौजूद रही. दरअसल, काशी शहरी वन को तैयार किया गया है, जहां पर लाखों पौधे एक बार नजर आएंगे और आज से नया रिकॉर्ड भी दिया गया.दरअसल,अब तक एक घंटे में सर्वाधिक पौधे लगाने का विश्व रिकॉर्ड चीन की हेनान प्रांतीय समिति और हेनान शिफांगे ग्रीनिंग इंजीनियरिंग कंपनी के नाम था.उन्होंने 10 मार्च 2018 को 153,981 पौधों का रोपण कर यह गौरव हासिल किया था. लेकिन डोमरी में मियावाकी तकनीक से जिस सुनियोजित ढंग से 250,000 पौधों का रोपण किया गया, उसने न केवल चीन के रिकॉर्ड को तोड़ा है, बल्कि उसे बहुत पीछे छोड़ दिया है.60 पावन गंगा घाटों की प्रतिकृति बना ‘शहरी वन’ इस ‘शहरी वन’ की सबसे अनूठी विशेषता इसकी बनावट है. पूरे वन क्षेत्र को 60 अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है.प्रत्येक सेक्टर का नाम काशी के सुप्रसिद्ध गंगा घाटों जैसे -दशाश्वमेध, ललिता घाट, नया घाट, मणिकर्णिका घाट, केदार घाट, चौशट्टी घाट, मानमंदिर घाट और शीतला घाट के नाम पर रखा गया है. यह बनावट ऐसी है कि भविष्य में जब ये पौधे वृक्ष बनेंगे, तो गंगा किनारे एक हरा-भरा ‘मिनी काशी’ का स्वरूप नजर आएगा.

 

प्रत्येक सेक्टर में लगभग 4,000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं. इनमें शीशम, अर्जुन, सागौन और बांस जैसी 27 देशी प्रजातियों के साथ-साथ आम, अमरूद और पपीता जैसे फलदार वृक्षों और अश्वगंधा, शतावरी व गिलोय जैसी औषधियों को प्राथमिकता दी गई है.

 

इस बारे में मेयर अशोक तिवारी ने बताया कि,”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा व मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के मार्गदर्शन में यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि काशी न केवल अपनी प्राचीन परंपराओं को संजोए हुए है, बल्कि पर्यावरण जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है. ढाई लाख पौधों की यह नई सौगात काशी के माथे पर एक और गौरवपूर्ण तिलक है.

 

बता दें कि इससे पहले CM योगी दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंच चुके हैं. CM ने वाराणसी पहुंचते ही बीजेपी की क्षेत्रीय समन्वय समिति के साथ बैठक की. इसके साथ ही CM काशी में बने पौधरोपण के वर्ल्ड रिकॉर्ड अभियान को पुरस्कार वितरित किया. शाम को बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन कार्यक्रम में भी योगी शामिल होंगे.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज रविवार सुबह 11:30 बजे वाराणसी पुलिस लाइन हेलीपैड पहुंचे. वहां से उनका काफिला सर्किट हाउस पहुंचा, जहां पर उन्होंने भाजपा की क्षेत्रीय समन्वय समिति के साथ बैठक की. इस बैठक में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, पूर्वांचल के प्रमुख पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.

 

इसके बाद सीएम योगी विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की. दोपहर बाद डोमरी में चल रहे पौधारोपण अभियान को देखा.

बाबा विश्वनाथ दरबार जाएंगे CM: CM योगी शाम लगभग 6:00 बजे बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचेंगे. इससे पहले वह काल भैरव मंदिर जाएंगे. VVIP मूवमेंट को देखते हुए वाराणसी में ट्रैफिक व्यवस्था लागू कर दी गई है. यातायात में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं.

सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नो टच पॉलिसी का पालन किया जाएगा. महिला प्रबंधन महिला पुलिस द्वारा किया जाएगा.

पौधारोपण का विश्व रिकॉर्ड: गौर करें तो नगर निगम की ओर से वाराणसी के डोमरी क्षेत्र में 350 बीघा में शहरी वन को विकसित किया जा रहा है. इस शहरी वन को ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज किया जाएगा. यहां पर पूरे वन क्षेत्र को 60 सेक्टर में विभाजित किया गया है.

प्रत्येक सेक्टर में 5000 पौधे रोपने का लक्ष्य है. कुल 3.17 लाख पौधे रोपे जाएंगे. इस शहरी वन में प्रत्येक सेक्टर का नाम काशी के प्रसिद्ध गंगा घाटों के नाम पर रखा गया है.