मिर्जापुर: सीएम सामूहिक विवाह योजना में बेटियों को थोड़ा और सहयोग मिल सके, इसके लिए सरकार ने कन्याओं को दिए जाने वाले अमाउन्ट में इजाफा किया है. अब नई स्कीम के तहत योगी सरकार 1 लाख रुपए खर्च करेगी. जिसमें 60 हजार रुपए कन्याओं के खाते में दिए जाएंगें. वहीं 25000 का उपहार और 15000 शादी की व्यवस्था में खर्च किया जाएगा.
वहीं मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मिर्जापुर जिले को 603 शादियों का लक्ष्य मिला है. जिसमें अब तब 689 लोगों ने आवेदन किया है. मिले आवेदनों का विभाग से जांच कराया जा रहा है. जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) रामविलास यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत उन अभिभावकों की बेटियों की शादी कराई जाती है, जिनकी आय 3 लाख सालाना है.
मिर्जापुर में इस बार कहां-कहां होंगे सामूहिक विवाह
- मिर्जापुर जनपद में 3 नवंबर को सदर तहसील के जीआईसी कॉलेज के मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी कराई जाएगी. जिसमें सिटी, कोन, मझवां, पहाड़ी ब्लाक, नगर पालिका मिर्जापुर और नगर पंचायत कछवा के लाभार्थी शामिल होंगे.
- 8 नवंबर को मड़िहान तहसील के पटेरा कला नवोदय विद्यालय में मुख्यमंत्री सामूहिक योजना के तहत शादी कराई जाएगी. यहां पर पटेराकला और राजगढ़ ब्लॉक के लाभार्थी होंगे.
- 12 नवंबर को चुनार तहसील के परेड ग्राउंड चुनार में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आयोजित की जाएगी. यहां पर नारायनपुर, जमालपुर, सीखड़ ब्लॉक के साथ ही नगर पालिका चुनार, नगर पालिका अहरौरा के लाभार्थी शामिल होंगे.
- 16 नवंबर को लालगंज तहसील के पंचशील डिग्री कॉलेज मवईकला में मुख्यमंत्री सामूहिक योजना के तहत लाभार्थियों का विवाह कराया जाएगा. यहां पर हलिया, लालगंज और छानबे ब्लॉक के लाभार्थी होंगे. जो लाभार्थी छूट जाएंगे, उनकी शादी 25 नवंबर को सदर तहसील के जीआईसी में कराया जाएगा.
जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) रामविलास यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में इस बार 2 नई स्कीम है. पहले महिलाओं को 51000 दिया जाता था. अब 60 हजार रुपए दिया जाएगा.
गरीब बेटियों को मिलेगी मदद: अधिकारी ने बताया कि जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं सरकार उनके लिए ये योजना चला रही है. गरीब परिवार जो अपने बेटियों की शादी करने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें सरकार के माध्यम से उनके धर्म के अनुसार शादी कराई जाती है.
फर्जीवाड़े पर ऐसे लगेगी नकेल: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पहले फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपात्र लोग लाभ ले लेते थे. मगर इस फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए अब दूल्हा-दुल्हन के आधार का विवाह से पहले बायोमीट्रिक सत्यापन होगा. साथ ही विवाह स्थल पर भी दोनों की उपस्थिति के समय बायोमीट्रिक माध्यम से हाजरी दर्ज की जाएगी.