सोनभद्र में इंटरनेशनल साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार

सोनभद्र: जनपद में पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ गुरुवार को बड़ी कामयाबी मिली है. क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाला इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश कर चार को गिरफ्तार किया है.

एसपी सोनभद्र अभिषेक वर्मा के आनुसार, साइबर फ्रॉड मामले में गिरफ्तार आरोपी सुफियान, मोहम्मद दानिश, अरशद सिद्दीकी और तुफैल खान हैं. यह खुद को निवेश सलाहकार और एजेंट बताकर लोगों को क्रिप्टोकरेंसी और शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देते थे. शुरुआत में छोटे-छोटे मुनाफे का भरोसा दिलाकर लोगों का विश्वास जीतते थे और फिर लाखों रुपये निवेश कराने के बाद, रकम को अलग-अलग बैंक खातों के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेज देते थे.

पुलिस की जांच में सामने आया कि इस गिरोह का सरगना रवि चौधरी है, जो संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई में रह रहा है. एसपी सोनभद्र के मुताबिक रवि चौधरी के खिलाफ पहले से इंटरपोल की रेड कॉर्नर नोटिस जारी है. इसके अलावा वह कई राज्यों की एजेंसियों और ईडी की जांच के दायरे में भी है. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है और देश के बाहर बैठे मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब चोपन थाना क्षेत्र के रहने वाले दीपक वर्मा ने साइबर थाना सोनभद्र में 10 लाख 70 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की. डिजिटल ट्रेल, बैंक खातों और मोबाइल डेटा के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया.

जांच के दौरान पुलिस को एक ऐसा बैंक खाता भी मिला, जिसमें करीब 500 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन होने की जानकारी सामने आई है. इतनी बड़ी रकम के लेन-देन ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है. इस खाते की जांच ईडी पहले से कर रही है और अब सोनभद्र पुलिस भी अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है.

पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य एजेंटों, बैंक खातों, क्रिप्टो और विदेशों तक फैले नेटवर्क की जांच कर रही है. अधिकारियों का दावा है कि मामले की तह तक जाकर हर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.