74वां झंडा दिवस: DGP राजीव कृष्ण ने कहा—माफियाओं पर कड़ा प्रहार, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित

लखनऊ : उत्तर पुलिस ने आज अपना 74वां पुलिस झंडा दिवस मनाया. पुलिस महानिदेशक DGP राजीव कृष्ण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर पुलिस का स्टीकर लगाया. वहीं महिला पुलिस अफसर ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भी यह स्टीकर लगाया. राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सभी पुलिसकर्मियों को इस खास मौके की शुभकामनाएं दीं.

पुलिस मुख्यालय में गूंजा सारे जहां से अच्छा : ​पुलिस मुख्यालय लखनऊ के प्रांगण में पुलिस पुलिस झंडा दिवस का मुख्य कार्यक्रम हुआ. ​पुलिस ध्वज को ससम्मान ध्वज स्तम्भ के निकट लाया गया. DGP राजीव कृष्णा और उपस्थित पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों ने पुलिस ध्वज का अभिवादन किया. ​पुलिस बैंड द्वारा सारे जहां से अच्छा की धुन बजाई गई.

DGP ने कहा-शौर्य से जन्मा, बलिदानों से सींचा गया ध्वज : DGP ने कहा कि 23 नवंबर 1952 को तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस को उसकी उत्कृष्ट कार्यकुशलता और समर्पित सेवा के लिए ‘पुलिस कलर’ पुलिस ध्वज प्रदान किया गया था. यह गौरव प्राप्त करने वाला उत्तर प्रदेश देश का प्रथम राज्य पुलिस बल है.उन्होंने कहा कि यह खास दिन उत्तर प्रदेश पुलिस की विरासत, अनुशासन और कर्तव्यबोध का जीवंत प्रतीक है. यह शौर्यगाथाओं का अमर धरोहर है. यह शौर्य से जन्मा, निष्ठा से पला और बलिदानों से सींचा गया है. लाल और नीले रंग का यह ध्वज शक्ति और निष्ठा का प्रतीक है. यह हर पुलिसकर्मी में आत्माभिमान और कर्तव्यनिष्ठा की नई ऊर्जा का संचार करता है.

UP पुलिस के पुनरुत्थान की कहानी : DGP ने मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को रेखांकित किया. बताया कि ​कानून-व्यवस्था को सामाजिक भरोसे में परिवर्तित किया गया है. जीरो टॉलरेंस नीति के तहत माफियाओं का प्रभावी सफाया और ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के माध्यम से अपराधियों को दंडित किया गया है. मिशन शक्ति’ के तहत महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई.आधुनिक पुलिसिंग ने लिखा नया अध्याय : डीजीपी ने कहा कि UP 112, STF, ATS और ANTF जैसे विशेष बलों ने नया अध्याय लिखा है. साल 1930 के माध्यम से साइबर अपराध से लड़ाई को जन-जन तक पहुंचाया गया है. रोड दुर्घटना में जनहानि को 50% कम करने और 60,000 प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों को बल में शामिल करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं.

कार्यक्रम के दौरान पुलिस मुख्यालय में EOW/UP-112 के महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था, रेलवे, लॉजिस्टिक, मानवाधिकार, तकनीकी सेवाएं, अपराध, प्रशिक्षण, प्रशासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे.