अयोध्या: प्रभु श्रीराम की वैभव का जितना भी बखान किया जाए, कम ही होगा। वह न केवल जनप्रिय युवराज थे, बल्कि परम आज्ञाकारी पुत्र, संन्यासी राजा, महा पराक्रमी योद्धा, मर्यादा पुरुषोत्तम उत्तम गुणवान पुरुष, पत्नीव्रता पति, परम अनुरागी ज्येष्ठ भ्राता और रिपुध्वंसक क्षमतावान होते हुए भी क्षमा, करुणा व शरणागत के संरक्षण को प्राथमिकता देने वाले करुणासागर थे। उनके इन्हीं सद्गुणों और उत्तम चरित्र से न केवल भारत बल्कि दुनिया के कई देश नसीहत लेते हैं और यही कारण है कि प्रभु श्रीराम न केवल भारत बल्कि वैश्विक आस्था का प्रतीक केंद्र भी हैं। इसी भावना को देश-विदेश में वृहद स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशन में विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है। मंगलवार को सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रभु श्रीराम को वैश्विक आस्था के केंद्र के तौर पर प्रचारित-प्रसारित करने के लिए अवधपुरी अयोध्या में देश-विदेश के 18 से ज्यादा रामलीला स्वरूपों का मंचन कराएगी। इसके अतिरिक्त प्रभु श्रीराम को केंद्र में रखकर विभिन्न सांस्कृतिक, पारंपरिक लोक कला व आध्यात्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
योगी सरकार अयोध्या में सजाएगी ‘वैश्विक राम दरबार’
प्रभु श्रीराम की सार्वभौमिक छवि को वैश्विक चेतना के उद्गम केंद्र के तौर पर किया जाएगा स्थापित
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