UP Phase 2 Voting: यूपी की आठ सीटों पर सिर्फ 55.39 प्रतिशत मतदान

लखनऊ: लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में प्रदेश की आठ सीटों पर मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही 91 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। इन सीटों पर 55.39 प्रतिशत औसत मतदान हुआ। अमरोहा में सर्वाधिक 64.54 प्रतिशत और मथुरा में सबसे कम 49.29 प्रतिशत पड़े वोट।

छिटपुट घटनाओं को छोड़ दें तो सभी आठ सीटों पर शांतिपूर्ण मतदान हुआ। इस दौरान मिली शिकायतों के आधार पर 48 बैलेट यूनिट, 48 कंट्रोल यूनिट और 208 वीवीपैट को बदला गया। दूसरे चरण के चुनाव में 9746 मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट का इस्तेमाल किया।

अमरोहा, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा लोकसभा क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह उत्साह के साथ बूथों पर मतदान शुरू हुआ, लेकिन दोपहर के बाद गति कम हो गई। वर्ष 2019 की तुलना में इस बार वोटिंग कम रही।

पिछले आम चुनाव में इन सीटों पर 62.18 प्रतिशत वोट पड़े थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि सभी आठ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह सात से शाम छह बजे तक मतदान की प्रक्रिया चली।

मतदान शांतिपूर्ण रहा, इस दौरान कंट्रोल रूम और इंटरनेट मीडिया से मिलने वाली सभी शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया। उन्होंने बताया कि मतदान के दौरान करीब 140-150 शिकायतें प्राप्त हुईं, ज्यादातर शिकायतें ईवीएम की खराबी से जुड़ी थी।

कुछ जगह पर बिजली की समस्या और धीमे मतदान से संबंधित शिकायतें भी मिलीं। बागपत के बड़ौत में एक पोलिंग बूथ पर पोलिंग एजेंट को हटाए जाने से संबंधित मामला सामने आया, शिकायत के बाद समस्या का समाधान किया गया।

उन्होंने बताया कि मतदान की प्रक्रिया को स्वतंत्र व निष्पक्ष बनाए रखने के उद्देश्य से 8852 मतदेय स्थलों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई थी, जिनकी निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारत निर्वाचन आयोग तीनों स्तरों पर किया गया।

967 बूथों पर वीडियोग्राफी की भी व्यवस्था की गई थी। उन्होंने बताया कि चुनाव में सभी 17704 पोलिंग बूथों के लिए ईवीएम एवं वीवीपैट और अलग-अलग जिलों में पर्याप्त मात्रा में रिजर्व ईवीएम और वीवीपैट की व्यवस्था की जा रही थी, मतदान के दौरान जहां भी शिकायत प्राप्त हुई, वहां इन्हें बदला गया।