पीएम मोदी के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका, जानिए क्‍या है आरोप?

प्रयागराज: भारतीय जनता पार्टी की ओर से नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का प्रचार-प्रसार करने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई अन्य भाजपा नेताओं पर केस दर्ज किए जाने की मांग को लेकर निगरानी याचिका दाखिल की गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में यह याचिका अलीगढ़ के खुर्शीद ऊर्र रहमान ने दी डाली है।

याचिकाकर्ता खुर्शीद ऊर्र रहमान ने इसी मामले को लेकर पहले धारा 156(3 ) सीआरपीसी के तहत अलीगढ़ जिला कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था, जिसे पहले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अलीगढ़ ने खारिज कर दिया। उसके बाद सेशन कोर्ट अलीगढ़ ने भी सीजेएम के आदेश के खिलाफ दाखिल निगरानी खारिज कर दी थी। अब दोनों आदेशों को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याची की ओर से दाखिल याचिका में भाजपा समर्थित एक पत्रिका में प्रकाशित लेख का हवाला दिया गया है।

याचिका में क्‍या कहा गया?

इस याचिका में उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी समेत भारतीय जनता पार्टी के अन्य कई नेताओं ने साजिश के तहत अपने हित में हिंसा, दंगा और धार्मिक भावनाएं भड़काने के लिए अपने पद और शपथ का दुरुपयोग किया। नागरिकता संशोधन अधिनियम के जरिए भाजपा नेताओं ने भाषण, होल्डिंग और पत्रिका में लेख प्रकाशित कराकर उसे बड़े पैमाने पर बांटे। जिससे देश में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन, दंगे और हिंसा भड़की, जिसमें कई लोगों की जान भी गई और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान हुआ। याचिका में जिला न्यायालय अलीगढ़ के आदेशों को रद्द करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत अन्य भाजपा नेताओं पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।