गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गोरखपुर में 55.43 करोड़ रुपये की लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज में MBBS व पैरामेडिकल छात्र-छात्राओं को टैबलेट वितरण किया।
कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज अभी भी लोगों के भरोसे का केंद्र है, जबकि यहां पर एम्स जैसा संस्थान खुल चुका है। ऐसे में लोगों की भावनाओं का आदर करते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी और छात्रों को गोरखपुर एम्स से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा करते हुए आगे निकलने और खुद को साबित करने की चुनौती है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आप बेहतर कार्य के लिए जुटे रहैं, सरकार की तरफ से हर संभव मदद मिलेगी. टेक्नोलॉजी के युग में सारी चीज ऑनलाइन है, चाहे वह टेलीमेडिसिन की सुविधा हो या फिर बहुत सारी ज्ञान की बातें।
सात सालों में मेडिकल कॉलेज में बहुत कुछ बदला
सीएम योगी ने कहा कि यही वजह है कि आज मेडिकल कॉलेज के छात्रों को सरकार की तरफ से टैबलेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे वह संस्थान के कार्यों को भी इससे जुड़कर तो कार्य कर सकें और निजी तौर पर भी इसका इस्तेमाल करते हुए वह खुद को सक्षम बनाएं। उन्होंने कहा कि पिछले 7 सालों में मेडिकल कॉलेज में बहुत कुछ बदला बदला नजर आता है। अब यहां इंसेफेलाइटिस के मरीज मासूम बच्चों की मौत नहीं होती। इस बीमारी को उनकी सरकार ने विभागीय समन्वय स्थापित करके समाप्त कर दिया है। मौजूदा समय में 40 मामले रिपोर्ट किए गए हैं, जिन्हें भी डॉक्टर्स की बेहतर निगरानी में बेहतर इलाज दिया जा रहा है और वह स्वस्थ होकर घर जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आज के दौरे में उन्होंने विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किए है। मरीजों से मिले हैं। मरीज और तीमारदार के चेहरे पर उन्हें संतोष और सुकून दिखाई दे रहा था। ऐसा मुझे महसूस हुआ वजह यह थी कि वार्डो में साफ सफाई और व्यवस्था अच्छी है। एक समय में एक बेड पर चार-चार मरीज यहां भर्ती हुआ करते थे उन्होंने खुद यह नजारा देखा है। यही वजह है कि जब वह सत्ता की बागडोर संभाले तो वार्ड को समस्याओं से उबरने के लिए पुरजोर कोशिश की। योगी ने कहा कि इस दौरान जेनेटिक मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स आर्थोपेडिक्स की ओपीडी और सीटी स्कैन मशीन, लिथोट्रिप्सी मशीन का उनके हाथों शुभारंभ हुआ।