नई दिल्ली: दिल्ली में यमुना नदी पर ऐतिहासिक लोहे के पुल के समानांतर तैयार हो रहा नया रेलवे ब्रिज अब अपने अंतिम चरण में है. करीब तीन दशक से लंबित इस परियोजना की सितंबर में उद्घाटन कराने की तैयारी थी, लेकिन इसमें अब विलंब होगा. पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है और अब केवल इंटरलॉकिंग व कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) का निरीक्षण बाकी रह गया है. फिलहाल यमुना में जलस्तर बढ़ने के कारण निरीक्षण टल गया है. अक्टूबर के आखिरी सप्ताह या नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बहुप्रतीक्षित पुल का उद्घाटन कर सकते हैं.
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि यमुना नदी पर बन रहे नये रेलवे पुल का लगभग पूरा काम पूरा हो गया है. यमुना नदी का जलस्तर कम होने के बाद सीआरएस निरीक्षण करेंगे. निरीक्षण व ट्रायल के बाद नियमित ट्रेन संचालन शुरू हो जाएगा. बता दें कि यह यमुना नदी पर तीसरा रेलवे पुल है और इसके निर्माण में 200 करोड़ रुपए से अधिक लागत आई है.इसलिए महत्वपूर्ण है यमुना पर बना नया पुल: दिल्ली में यमुना नदी पर पहले से दो रेलवे पुल हैं. सबसे पुराना ‘लोहे का पुल’ अंग्रेजों ने वर्ष 1866 में बनवाया था. इस ऐतिहासिक पुल पर ऊपर ट्रेनें व नीचे सड़क यातायात चलता है. अब यह पुराना हो चुका है. सुरक्षा कारणों से इस पुल पर ट्रेनों की रफ्तार 15-20 किलोमीटर प्रति घंटा तक सीमित कर दी गई है. पुल की ऊंचाई कम होने के कारण बाढ़ के समय इसकी ऊंचाई कम होन के चलते पुल तक जलस्तर पहुंच जाता है. इससे ट्रेनों की गति और धीमी करनी पड़ती है.
नए पुल में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल: अधिकारियों के मुताबिक, नए पुल में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. यह भारी व तेज रफ्तार ट्रेनों को सहने में सक्षम है. इस पुल के शुरू होते ही ट्रेनों की रफ्तार और क्षमता दोनों में इजाफा होगा. विशेष रूप से पूर्वांचल, बिहार व उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाली गाड़ियों को राहत मिलेगी. साथ ही यात्रा समय भी कम होगा. नया पुल चालू होने के बाद पुरानी दिल्ली स्टेशन से ट्रेनों को सीधा मार्ग मिलेगा.पुल के निर्माण में लगा लंबा वक्त: इस पुल के निर्माण की योजना 1997-98 में बनी थी, लेकिन वर्ष 2003 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण समेत कई एजेंसियों से मंजूरी, डिजाइन बदलाव व तकनीकी दिक्कतों के कारण काम बार-बार अटकता रहा. इसे वर्ष 2016 तक पूरा करना था, फिर 2018, 2020 और 2023 तक लक्ष्य बढ़ता गया. आखिरकार अब रेलवे का दावा है कि अक्टूबर या नवंबर 2025 तक पुल पूरी तरह चालू हो जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन: रेलवे ने इस आधुनिक व बहुप्रतीक्षित पुल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराने की तैयारी की है. अधिकारियों का कहना है कि इसे भव्य तरीके से राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा. यह न सिर्फ दिल्ली बल्कि पूरे उत्तर भारत के रेलवे नेटवर्क को नई मजबूती देगा.