लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्सिंग सेवाओं में पारदर्शिता और कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. राज्य मंत्रिमंडल ने 2 सितंबर को ‘उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ (UPCOS) के गठन को मंजूरी दी, जो अब नवंबर 2025 से पूर्ण रूप से कार्य करना शुरू कर देगा. इसके तहत 2026 में जनवरी के पहले सप्ताह में ही भर्तियां शुरू होने की घोषणा की गई है. इससे 11 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ मिलेगा.
राज्य सरकार के सचिवालय प्रशासन विभाग की ओर से शुक्रवार रात शासनादेश जारी कर दिया गया है. यह कदम निजी एजेंसियों द्वारा होने वाली अनियमितताओं को रोकने और सरकारी विभागों में मानकीकृत भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा सुधार है. उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड एक गैर-लाभकारी सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी है, जो कंपनीज एक्ट 2013 की धारा-8 के तहत स्थापित की गई है.
इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के 93 सरकारी विभागों और संगठनों में आउटसोर्स्ड मैनपावर की नियुक्ति, प्रबंधन और निगरानी को सुव्यवस्थित करना है. पहले, विभाग सीधे निजी एजेंसियों से भर्ती करते थे, जिससे कर्मचारियों को कम मानदेय, विलंबित भुगतान और ईपीएफ-ईएसआईसी जैसी सामाजिक सुरक्षा लाभों से वंचित रहना पड़ता था. नई व्यवस्था में कॉर्पोरेशन जीईएम पोर्टल के माध्यम से एजेंसियों का पैनल तैयार करेगा, जिससे चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी.
कॉर्पोरेशन के तहत नियुक्त कर्मचारियों को तीन वर्ष के लिए अनुबंध पर रखा जाएगा, जिसमें मासिक मानदेय 20,000 से 50,000 रुपये होगा. भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार अनिवार्य होंगे, ताकि योग्यता सुनिश्चित हो. विभागों, एजेंसियों और कॉर्पोरेशन के बीच त्रिपक्षीय समझौता होगा, जिसमें प्रदर्शन निगरानी और वैधानिक अनुपालन की जिम्मेदारी कॉर्पोरेशन की होगी. वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि यह सुधार न केवल आउटसोर्सिंग में पारदर्शिता लाएगा, बल्कि राज्य में रोजगार और शासन का नया मॉडल स्थापित करेगा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने जून 2025 में ही इस कॉर्पोरेशन की घोषणा की थी, जब संविदा कर्मचारी संघ ने सांसदों-विधायकों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था. संघ ने लंबे समय से मांग उठाई थी कि आउटसोर्स कर्मियों का वेतन निर्धारण और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो. कॉर्पोरेशन के गठन से निजी एजेंसियों की मनमानी पर अंकुश लगेगा और कर्मचारियों को समय पर वेतन, पेंशन और बीमा लाभ मिलेंगे. सचिवालय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष इस विषय में बताते हैं कि नवंबर में आयोग पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा और नए साल में भर्ती भी शुरू हो जाएगी.