सीएम योगी ने दुकानों पर जाकर समझाया जीएसटी सुधार, बांटे पर्चे और किया चिकनकारी का अनुभव

लखनऊ:जीएसटी की नई दरें लागू होने के बाद बुधवार को सीएम योगी ने लखनऊ के जीरो लैंडमार्क हजरतगंज चौराहे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म पर पत्रकारों को जानकारी देने के बाद सीएम हजरतगंज की दुकानों पर भी घूमें। सभी दुकानदारों से ग्राहकों को जीएसटी का लाभ देने की अपील की और घटी दरों के पर्चे भी बांटे। इस दौरान सीएम ने चिकनकारी के काम में भी हाथ आजमाया।

 

हजरतगंज ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद पंजाबी के नेतृत्व में सीएम योगी खादी भंडार, बुक शॉप, रेस्टोरेंट, सूखे मेवे, कपड़ों के शोरूम पर पहुंचे और व्यापारियों से खुले दिल से संवाद करते हुए जीएसटी के नए सुधारों पर प्रतिक्रिया जानी। विभिन्न शोरूम पर व्यापारियों से बातचीत के बाद सीएम योगी विनोद पंजाबी के चिकनकारी के कपड़ों के शोरूम पर भी पहुंचे। इस दौरान सीएम ने चिकनकारी की कढ़ाई कर रही महिलाओं से कारीगरी की बारीकी समझी और अपने हाथ से एक कपड़े पर छपाई भी की। इसके बाद उस कपड़े पर अपने दस्तखत भी किए। सीएम ने कहा कि चिकनकारी लखनऊ की शान है। ओडीओपी उत्पाद चिकनकारी देश-विदेश में लखनऊ की विशेष पहचान है। व्यापारी नेता विनोद पंजाबी ने बताया कि सीएम ने हजरतगंत चौराहों की दुकानों का निरीक्षण किया। सभी व्यापारी जीएसटी का लाभ दे रहे हैं, इस बात को भी देखा। बेटी वर्तिका समेत पूरे स्टाफ से मिले। लखनऊ चिकनकारी हैंडीक्राफ्ट एसोएशन के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल, महामंत्री शैलेश टंडन, कोषाध्यक्ष जितेंद्र रस्तोगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप खैराजानी, लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा, चेयरमैन राजेंद्र अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

.. तो इसलिए की गंज चौराहे से शुरुआत

सीएम योगी ने गंज चौराहे से अपनी यात्रा की शुरुआत की। यहीं से ही सीएम योगी ने मशहूर बुक डिपो के बाहर पत्रकारों से बातचीत की। सीएम ने बुक शॉप पर पहुंचने पर स्टेशनरी पर दी जा रही छूट का जायजा लिया। बुक शॉप के मालिक गौरव प्रकाश ने बताया कि किताबों पर पहले भी जीएसटी नहीं थी। पेंसिल, रबर व कॉपी से जीएसटी हटाई है। सीएम योगी हमारी शॉप पर आए यह हमारे लिए बड़े गौरव की बात है। बताया कि सीएम का मकसद बस यही देखना था कि जीएसटी का लाभ दिया जा रहा है कि नहीं। बताया गंज चौराहा लखनऊ का जीरो लैंडमार्क है। यहीं से ही लखनऊ शुरू होता है। शॉप के बाहर ही लखनऊ जीरो किमी का पत्थर लगा हुआ था जो रेनोवेशन के दौरान तीन साल पहले हट गया। सांकेतिक रूप से सीएम ने पूरे लखनऊ को मेसेज देने के लिए यह जगह चुनी।