लखनऊ : दो दिनों की छुट्टी के बाद राजधानी में शुक्रवार को अस्पतालों की ओपीडी खुली तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी. सिविल, बलरामपुर और लोकबंधु अस्पताल की ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचे. सुबह 8 बजे ही लखनऊ के प्रमुख सरकारी अस्पतालों की ओपीडी और पैथोलॉजी में मरीजों की लंबी लाइन लग गई.
सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बीते दो दिन से लगातार त्योहार के कारण अस्पताल की ओपीडी बंद थी. शुक्रवार को अस्पताल खुला, जिस वजह से भीड़ बढ़ गई. हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवा 24 घंटे चलती रही.
डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया, वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक है. ज्यादातर मरीज मलेरिया और चिकनगुनिया के हैं. बहुत से ऐसे मरीज हैं जिन्हें वायरल बुखार है, लेकिन उनकी मलेरिया और डेंगू चिकनगुनिया की रिपोर्ट नॉर्मल आ रही है. ऐसे मरीजों को ठीक होने में करीब सात से आठ दिन का समय लग रहा है. शुक्रवार को ओपीडी में दिखाने के लिए लगभग 6 से 7 हजार मरीज पहुंचे, जिसमें नए और पुराने सभी मरीज शामिल हैं.बलरामपुर अस्पताल के एमएस डॉ. देवाशीष शुक्ला ने बताया, दो दिन त्योहार की वजह से अस्पताल की ओपीडी संचालित नहीं थी, इमरजेंसी में बीते दो दिन में करीब 254 मरीज इलाज करने के लिए पहुंचे. वहीं शुक्रवार को ओपीडी में दिखाने के लिए 5 हजार से अधिक मरीज पहुंचे. इसमें नए और पुराने सभी मरीज शामिल हैं. ज्यादातर मरीज वायरल बुखार की चपेट में हैं. जिसकी वजह से पैथोलॉजी में भी जांच के लिए काफी भीड़ रही.
लोकबंधु अस्पताल के एमएस डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया, 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं चालू हैं. शुक्रवार को जब ओपीडी खुली तो मरीज का काफी दबाव रहा, लेकिन चिकित्सा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मदद से भीड़ को कंट्रोल किया गया. शुक्रवार को फिजिशियन, चेस्ट फिजिशियन, कार्डियोलॉजी एवं स्किन विभाग की ओपीडी में अधिक भीड़ रही. करीब 4,442 मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे.
लखनऊ स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया, इस समय त्योहार का सीजन चल रहा है. ऐसे में लगातार ओपीडी संचालित नहीं हो पा रही है. बीच-बीच में छुट्टी होने के कारण लोग इमरजेंसी में ही पहुंच रहे हैं. ऐसे में सभी अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे चालू रहें, ताकि मौके पर पहुंचे मरीज को इलाज मिल सके.