पटना: 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू 115 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. उसमें से 14 सीटें जेडीयू की इस बार कम हो गई है. वहीं 2020 में भाजपा ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था, इस बार 101 सीटें मिली हैं. NDA में सीटों के बंटवारे पर आरजेडी नेता मनोज कुमार झा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर चुटकी ली है.
‘101-101 नहीं 142 और 101 है’: आरजेडी नेता मनोज झा ने कहा, “मैं इसे 142 और 101 देख रहा हूं. BJP+ 142 और JDU 101. इसको 101-101 मत कहिए. इसको 142 और 101 कहिए. बीजेपी 142+ है, जिसमें चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी हैं और दूसरी तरफ 101, जिसमें नीतीश कुमार हैं.
जो नीतीश कुमार कई वर्षों से भाजपा को कहते हैं कि हम बड़े भाई हैं. बड़े भाई की पूरी भूमिका बड़े सलीके से उन्हीं के लोगों के द्वारा नेस्तनाबूद कर दी गई.”- मनोज झा, आरजेडी नेता
NDA में सीट शेयरिंग का ऐलान: बिहार की 243 सीटों पर 6 नवंबर और 11 नवंबर दो चरणों में वोट डाले जाएंगे. 4 नवंबर को मतगणना होगी. इस बार सीट शेयरिंग में बीजेपी-जेडीयू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. जबकि चिराग पासवान की एलजेपीआर को 29 सीटें, जीतनराम मांझी की हम और कुशवाहा की आरएलएम को 6-6 सीटें मिली हैं.
नीतीश कुमार आ गए BJP की बराबरी पर: यह पहली बार है जब जेडीयू किसी भी विधानसभा चुनाव में बीजेपी से अधिक सीटों पर चुनाव नहीं लड़ रही है. 2005 से 2020 तक के नंबर को देखें तो बीजेपी से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ कर जेडीयू हमेशा बड़े भाई की भूमिका में रही. अक्टूबर 2005 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू 139 सीटों पर, जबकि बीजेपी को 102 सीटें मिलीं. 2010 में आंकड़े ऐसे ही थे. 2015 चुनाव में नीतीश कुमार महागठबंधन में थे.
‘चुनाव के बाद JDU को खत्म कर दिया जाएगा’: वहीं RJD नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि “भाजपा JDU को बराबरी पर ले आई है और चुनाव के बाद JDU को खत्म कर देगी. तेजस्वी यादव समेत सभी लोग लगातार यही कह रहे हैं. बाकी पार्टियों को भी घुटने पर ला दिया है. जीतन राम मांझी खुद कह रहे हैं कि उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
“उपेंद्र कुशवाहा खुद अपने समर्थकों को चिट्ठी लिख रहे हैं. इस तरह छोटे सहयोगियों का अपमान किया गया. JDU कह रही थी कि हम बड़े भाई हैं लेकिन भाजपा ने उन्हें बराबरी पर ला दिया. अब JDU कहां है? JDU का भाजपा में विलय होगा, नीतीश कुमार कोई फैसला नहीं ले रहे हैं और जो फैसला ले रहे हैं वो JDU को खत्म करने के लिए कर रहे हैं.”- मृत्युंजय तिवारी, आरजेडी नेता