रोजगार मेले में बोले पीएम मोदी, युवाओं को सशक्त बनाने के लिए काम कर रहे

नई दिल्ली/बेंगलुरु : पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार युवाओं को सशक्त बनाने के लिए काम कर रही है और यहां तक ​​कि देश की विदेश नीति भी युवाओं के हितों को ध्यान में रखकर बनायी जा रही है.

सत्रहवें रोजगार मेले में मोदी का पहले से रिकार्ड किया गया एक संदेश चलाया गया जिसमें उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है और इसकी युवा शक्ति सबसे बड़ी परिसम्पत्तियों में से एक है.

उन्होंने कहा, ‘‘इसी विश्वास और आत्मविश्वास के साथ हम हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं. यहां तक कि हमारी विदेश नीति भी भारत के युवाओं के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है. हमारे राजनयिक संबंध और वैश्विक समझौते युवाओं के प्रशिक्षण और रोजगार सृजन पर केंद्रित होते जा रहे हैं.’’
रोजगार मेले में 51,000 से अधिक सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र सौंपे गए. पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में रोजगार मेलों के जरिए अब तक 11 लाख से अधिक भर्ती पत्र जारी किए जा चुके हैंय प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘युवाओं को सशक्त बनाना भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार की एक प्राथमिकता है.’’

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने कई यूरोपीय देशों के साथ निवेश साझेदारी की है, जिससे रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा हुए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हमने निवेश को बढ़ावा देने और स्टार्टअप तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को समर्थन देने के लिए ब्राजील, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और कनाडा जैसे देशों के साथ कई समझौते किए हैं. ये सहयोग निर्यात को मजबूत करेंगे और भारत के युवाओं के लिए विकास और अवसर के नये रास्ते खोलेंगे.’’

मोदी ने कहा कि माल एवं सेवा कर (GST) दरों में हालिया कमी देश में एक बड़े सुधार का प्रतीक है और इसका प्रभाव सिर्फ लोगों की बचत बढ़ाने से कहीं आगे तक गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार अब रोजगार और विकास के अवसरों का भी विस्तार कर रहे हैं.”

सेवा के अवसरों के बीच एक सेतु : शोभा करंदलाजे
वहीं बेंगलुरु में केंद्रीय श्रम मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि रोजगार मेला युवाओं की आकांक्षाओं और सार्वजनिक सेवा के अवसरों के बीच एक सेतु बन गया है. उन्होंने कहा, “यह पहल सिर्फ नियुक्ति पत्र वितरित करने के बारे में नहीं है; यह युवा भारतीयों को उद्देश्य की भावना और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी देने के बारे में है.”

हजारों लोग सरकारी सेवाओं में शामिल हुए
इस भर्ती दौर के माध्यम से चयनित नए कर्मचारी कई प्रमुख मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में शामिल होंगे. इनमें डाक, रेलवे, गृह, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उच्च शिक्षा और वित्तीय सेवाएं विभाग के साथ-साथ प्रमुख केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम जैसे पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, कोल इंडिया, गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड और तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम शामिल हैं.

नियुक्तियां विभिन्न भूमिकाओं को कवर करेंगी, जिनमें शाखा पोस्टमास्टर, स्टेशन मास्टर, कांस्टेबल, नर्सिंग अधिकारी, इंजीनियर और परिवीक्षाधीन अधिकारी शामिल हैं.

नए भर्तियों के लिए डिजिटल शिक्षा
सभी नियुक्तियों को iGOT कर्मयोगी पोर्टल के अंतर्गत एक ऑनलाइन शिक्षण मॉड्यूल, ‘कर्मयोगी प्रारंभ’ के माध्यम से आधारभूत प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्लेटफ़ॉर्म 3,600 से ज़्यादा ई-लर्निंग पाठ्यक्रम प्रदान करता है जिन्हें किसी भी डिवाइस से एक्सेस किया जा सकता है. करंदलाजे ने कहा, “डिजिटल लर्निंग के माध्यम से, प्रत्येक नया कर्मचारी स्पष्टता और क्षमता के साथ अपनी सार्वजनिक सेवा यात्रा शुरू कर सकता है.”

कुशल कार्यबल का निर्माण
अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों से नागरिक सेवाओं में सुधार, शासन को मजबूत करने तथा विकसित भारत के विजन में योगदान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है. करंदलाजे ने आगे कहा, “हमारा लक्ष्य एक ऐसा कार्यबल तैयार करना है जो कौशल और ज़िम्मेदारी का समन्वय करे. रोज़गार मेले के तहत प्रत्येक नियुक्ति समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक कदम है.” सरकार का मानना ​​है कि रोजगार मेलों की चल रही श्रृंखला पूरे भारत में रोजगार सृजन और युवा सशक्तिकरण के लिए उत्प्रेरक का काम करती रहेगी.