नई दिल्ली: बिहार विधानसभा और विभिन्न राज्यों में हो रहे उपचुनाव के दौरान वोटरों को किसी भी तरह से प्रभावित करने की कोशिशों पर लगाम लगाने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है. आयोग ने आदेश दिया है कि बिहार विधानसभा चुनाव और अन्य राज्यों के उपचुनाव पूरे होने तक सांसदों और विधायकों की स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से कोई नई राशि जारी नहीं की जाएगी.
चुनाव आयोग ने कैबिनेट सचिव, भारत सरकार के सचिव, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) को पत्र लिखा है. ईसीआई निदेशक बी कोंथौजम ने पत्र में लिखा है कि ईसीआई ने राज्य विधानसभा के आम चुनाव की घोषणा के परिणामस्वरूप राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के मार्गदर्शन के लिए आदर्श आचार संहिता लागू करने की घोषणा की है.
आयोग ने निर्देश दिया है कि सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजनाओं के तहत धनराशि जारी करने पर कई प्रतिबंध लागू होंगे. देश के किसी भी हिस्से में, जहां चुनाव चल रहे हों, सांसद (राज्यसभा सदस्यों सहित) स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के तहत धनराशि जारी नहीं की जाएगी.
पत्र में कहा गया है कि इसी प्रकार, विधायकों/विधानसभा सदस्यों के स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के अंतर्गत, यदि ऐसी कोई योजना चल रही है, तो चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक कोई नई धनराशि जारी नहीं की जाएगी. ऐसा कोई भी कार्य शुरू नहीं किया जाएगा जिसके लिए इस पत्र के जारी होने से पहले कार्य आदेश जारी किए जा चुके हों, लेकिन वास्तव में क्षेत्र में कार्य शुरू नहीं हुआ हो.
पत्र में आगे कहा गया है कि पूर्ण हो चुके कार्यों के लिए भुगतान जारी करने पर कोई रोक नहीं होगी. जहां योजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं और धनराशि उपलब्ध करा दी गई है या जारी कर दी गई है और सामग्री खरीदकर स्थल पर पहुंच गई है, वहां ऐसी योजना को कार्यक्रम के अनुसार क्रियान्वित किया जा सकता है.
बता दें कि 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा के लिए चुनाव 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होंगे. इसके अलावा मिजोरम, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर सहित सात राज्यों की आठ सीटों के लिए उपचुनाव 11 नवंबर को होने हैं. मतों की गिनती 14 नवंबर को होगी.