जर्मन हैंगर, 1500 सोफे और 30,000 कुर्सियाँ—गांधी मैदान में शपथ ग्रहण की तैयारियाँ चरम पर

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है. इसी के साथ नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां पटना में जोर पकड़ चुकी हैं. इस बार का शपथ ग्रहण समारोह ऐतिहासिक होने वाला है, क्योंकि पूरे कार्यक्रम को बड़े पैमाने पर आयोजित करने की योजना है.

पटना के गांधी मैदान में होने वाले इस शपथ ग्रहण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. इससे पहले भी कई बार गांधी मैदान राजनीतिक और ऐतिहासिक आयोजनों का गवाह बन चुका है, लेकिन एनडीए इस समारोह को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में है.

जर्मन हैंगर और 30000 कुर्सियों की व्यवस्था : शपथ ग्रहण को देखते हुए गांधी मैदान में जर्मन हैंगर तैयार किया जा रहा है. इस विशाल हैंगर में 30000 कुर्सियों की व्यवस्था की जा रही है. लगभग 40000 लोगों के बैठने की क्षमता विकसित की जा रही है. यह अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक शपथ ग्रहण मंच माना जा रहा है. जर्मन हैंगर की खासियत यह है कि यह मौसम के प्रभाव से सुरक्षित रहता है और बड़ी संख्या में लोगों को आराम से ठहराया जा सकता है.पटना डीएम ने किया निरीक्षण : पटना डीएम डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ गांधी मैदान का निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि शपथ ग्रहण की तिथि और स्थान की आधिकारिक घोषणा मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा की जाएगी.

”यह साफ है कि शपथ ग्रहण जहां भी हो, बेहद भव्य निर्माण और प्रशासनिक तैयारी सुनिश्चित की जा रही है. समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी तैयारियां लगभग पूरी हो रही हैं.”- डॉ. त्यागराजन एस एम, डीएम, पटना

एनडीए को 202 सीटों पर जीत : दरअसल, 243 सीटों वाले बिहार विधानसभा में एनडीए ने 202 सीटों पर जीत दर्ज की है. एनडीए की ओर से लगातार यह संकेत दिया गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही गठबंधन का नेतृत्व करेंगे. हालांकि विधायक दल की बैठक के बाद औपचारिक घोषणा की जाएगी. मंगलवार को भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, उसके बाद एनडीए की संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम तय होगा.प्रधानमंत्री सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री होंगे मौजूद : गांधी मैदान में होने वाले इस भव्य शपथ ग्रहण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना लगभग तय है. इसके अलावा एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ नेता भी समारोह में उपस्थित रहेंगे. बड़े नेताओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा और प्रोटोकॉल की व्यवस्था काफी मजबूत की जा रही है. यह आयोजन एनडीए के राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का भी केंद्र बनेगा.

बम निरोधक दस्ता तैनात, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी : सोमवार को गांधी मैदान में बम निरोधक दस्ता पहुंचा और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया. मैदान को आम लोगों के लिए 20 नवंबर तक पूरी तरह बंद कर दिया गया है. सुरक्षा एजेंसियां लगातार मैदान का दौरा कर रही हैं और हर हिस्से को सुरक्षित बनाया जा रहा है. विशेष शाखाएं भी सक्रिय हैं और पूरे इलाके में सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया है.

लगातार पानी का छिड़काव : गांधी मैदान में घास कटने के बाद धूल की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम की वॉटर स्प्रिंकलर गाड़ियां लगातार पानी का छिड़काव कर रही हैं. इससे मैदान में उठने वाली धूल बैठ रही है और वातावरण को प्रदूषण मुक्त रखा जा रहा है. प्रशासन का उद्देश्य है कि शपथ ग्रहण के दिन मैदान पूरी तरह साफ और व्यवस्थित दिखाई दे.

ग्रीन कारपेट बिछाने का कार्य शुरू : घास कटाई के बाद मैदान में ग्रीन कारपेट बिछाने का काम भी शुरू कर दिया गया है. बड़ी संख्या में कुर्सियां पहले ही गांधी मैदान पहुंच चुकी हैं और उन्हें व्यवस्थित तरीके से सजाया जाएगा. इसके अलावा मैदान में मौजूद पेड़-पौधों की कटाई-छंटाई की जा रही है ताकि पूरा परिसर सुंदर और आकर्षक दिख सके. शपथ ग्रहण के दौरान यह मैदान एक भव्य मंच की तरह नजर आएगा.

1500 सोफों की व्यवस्था : वरिष्ठ अतिथियों के लिए 1500 सोफों की व्यवस्था की जा रही है. अलग-अलग राज्यों से बड़े पैमाने पर फूल मंगाए जा रहे हैं ताकि पूरे मैदान को सजाया जा सके. यह आयोजन न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा बल्कि दृश्य रूप से भी यह किसी बड़े सांस्कृतिक आयोजन जैसा दिखेगा.

मैदान को रंग-बिरंगे फूलों, लाइटिंग और सजावट से सजाया जाएगा. शपथ ग्रहण समारोह को लेकर प्रशासन, नगर निगम, सुरक्षा एजेंसियां और अन्य विभाग लगातार समन्वय के साथ काम कर रहे हैं. लक्ष्य है कि यह शपथ ग्रहण बिहार के इतिहास में सबसे भव्य और ऐतिहासिक आयोजन के रूप में दर्ज हो.