गोरखपुर : रामगढ़ताल के किनारे तीन दिनों तक कला, संस्कृति और आध्यात्म का संगम दिखने को मिलेगा. रविवार को गोरखपुर महोत्सव का चंपा देवी पार्क में आगाज हो गया. महोत्सव का शुभारंभ पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जय वीर सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस दौरान सांसद रवि किशन, मेयर के अलावा जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, कलाकार मौजूद रहे. महोत्सव में इस बार लोक संस्कृति के साथ विज्ञान प्रदर्शनी को भी प्रमुखता दी गई है.
विशेष रूप से स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार की गई विज्ञान प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जिसमें बच्चों ने अपनी प्रतिभा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच का शानदार प्रदर्शन किया है. महोत्सव में स्थानीय उत्पादों और लोकल सामानों के स्टॉल भी लगाए गए हैं, जिससे क्षेत्रीय कारीगरों और उद्यमियों को अपनी कला और उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिला है.
इस दौरान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जय वीर सिंह ने कहा कि गोरखपुर तपोभूमि है, जिसकी पहचान और गौरव आज देश ही नहीं, बल्कि विदेश तक फैला हुआ है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं और आज ‘बुलडोजर बाबा’ का नाम गर्व के साथ लिया जाता है.
मंत्री ने 2025 कुंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई, जो भारत की सांस्कृतिक शक्ति और व्यवस्थागत क्षमता का उदाहरण है. योगी सरकार में प्रदेश के 75 जिलों में वहां की लोक कला, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग आर्थिक मदद भी कर रहा है.
महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर एडी स्कूल की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया. मथुरा की सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना गीतांजलि शर्मा ने कथक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर श्रोताओं की भरपूर तालियां बटोरीं. शास्त्रीय नृत्य की यह प्रस्तुति महोत्सव की सांस्कृतिक गरिमा को और ऊंचाई प्रदान करती नजर आई.
गोरखपुर महोत्सव में पहले दिन के मुख्य मंच के प्रमुख कार्यक्रम
सबरंग : अपराह्न 3:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक.
वरुण जैन व तनिष्ठा पुरी का बॉलीवुड नाइट : शाम 7:30 बजे से.
योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह के कार्यक्रम
नाट्य मंचन एक, शाम 5 बजे से 6 बजे तक.
नाट्य मंचन दो, शाम 6 बजे से 7 बजे तक.