बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने नेताओं की लखनऊ परिक्रमा पर क्यों लगाई रोक? जानिए वजह

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी ने अपने पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि लखनऊ और बड़े नेताओं की अनावश्यक परिक्रमा या घूमने-फिरने पर पूरी तरह रोक रहेगी. सभी मोर्चा, प्रकोष्ठ और विभाग के अध्यक्ष, महामंत्री, संयोजक व सहसंयोजकों को आदेश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में रहकर संगठन को मजबूत करें, पार्टी के कार्यक्रमों को सफल बनाएं और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पूरी तन्मयता से जुट जाएं.

नए अध्यक्ष को मुंह दिखाने की होड़: गौरतलब है कि जबसे बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी कार्यभार संभाला है तब से लखनऊ में पूरे राज्य के नेताओं का आवागमन लगा हुआ है. हाल ही में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने अपने मोबाइल को दिखाते हुए कहा था कि उसमें 28000 फोटो कार्यकर्ताओं के साथ हो चुकी है. जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नए अध्यक्ष के आगे पीछे भागने वालों की संख्या कितनी बड़ी है.

बैठक में शामिल हुए पदाधिकारी: इसके बाद यह अहम निर्देश गुरुवार को भाजपा राज्य मुख्यालय पर आयोजित मोर्चों, प्रकोष्ठों व विभागों के शीर्ष पदाधिकारियों की बैठक में जारी किए गए. बैठक को प्रदेश अध्यक्ष एवं केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने संबोधित किया. संचालन विभाग/प्रकोष्ठों के प्रभारी ओम प्रकाश श्रीवास्तव ने किया.

प्रदेश अध्यक्ष ने क्या कहा: प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि संगठन में कोई पद छोटा-बड़ा नहीं होता, हर दायित्व समान रूप से महत्वपूर्ण है. कार्यकर्ता अपने परिश्रम, समर्पण और संगठनात्मक कौशल से ही पार्टी में विशिष्ट पहचान बनाता है. उन्होंने जोर दिया कि विभिन्न सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों तक पार्टी की विचारधारा पहुंचाने में विभागों व प्रकोष्ठों की निर्णायक भूमिका होती है. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पदाधिकारी अपने क्षेत्र में रहकर निरंतर जनसंपर्क, सेवा कार्य और संगठन विस्तार पर ध्यान केंद्रित करें. बैठक में यह साफ संकेत दिया गया कि अब लखनऊ में शहर की परिक्रमा या अनावश्यक आवागमन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सभी को अपने निर्धारित क्षेत्रों में रहकर संगठन की मजबूती और चुनावी तैयारियों को प्राथमिकता देने का सख्त निर्देश जारी किया गया है.