लखनऊ: LDA (Lucknow Development Authority) की महत्वाकांक्षी आईटी सिटी योजना को रफ्तार मिलने वाली है. इस योजना के तहत 20 फरवरी को पहला बड़ा शो (लॉन्च और आवंटन कार्यक्रम) होने जा रहा है. खास बात यह है कि लैंड पूलिंग नीति के जरिए अपनी जमीन देने वाले किसानों और भू-स्वामियों को सबसे पहले विकसित प्लॉट मिलेंगे.
आईटी सिटी सुल्तानपुर रोड पर करीब 3490 एकड़ क्षेत्र में बन रही है. यह योजना लखनऊ को एक बड़ा टेक हब बनाने का सपना है, जहां हाईटेक आईटी पार्क, ग्लोबल बिजनेस जोन, आवासीय इलाके, मेडिकल सुविधाएं और ग्रीन स्पेस होंगे. योजना में कुल करीब 10 हजार आवासीय प्लॉट बनेंगे, जिनमें 35 से 288 वर्ग मीटर तक के प्लॉट शामिल हैं.
लैंड पुलिंग क्या है और इसके फायदे क्या हैं: लैंड पुलिंग एक स्वैच्छिक व्यवस्था है, जिसमें किसान अपनी जमीन प्राधिकरण को निःशुल्क देते हैं. बदले में उन्हें योजना में ही 25 प्रतिशत विकसित आवासीय प्लॉट मिलते हैं. ये प्लॉट पूरी तरह तैयार होते हैं. सड़क, बिजली, पानी, सीवर जैसी सभी सुविधाओं के साथ प्लॉट आवंटित किए जाएंगे. सामान्य मुआवजे से इन प्लॉटों की कीमत कई गुना ज्यादा होती है.
किसानों के लिए मौका: एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि कई मामलों में यह लाभ 10 गुना तक हो सकता है.यानी किसान अपनी खेती की जमीन देकर शहर में बेहतर प्लॉट पाकर ज्यादा फायदा उठा सकते हैं. एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने आदेश जारी किए हैं कि 20 फरवरी को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मर्करी हॉल में लॉटरी ड्रॉ होगा. इसमें लैंड पुलिंग करने वाले भू-स्वामियों की मौजूदगी रहेगी. पहले चरण में 27 जनवरी तक एग्रीमेंट पूरा करने वालों को प्राथमिकता मिलेगी.अभी तक कई गांवों जैसे बक्कास, सोनई कंजेहरा, सिकंदरपुर अमोलिया आदि के किसानों ने सैकड़ों बीघा जमीन देने का प्रस्ताव दिया है.
अफसर करेंगे गांव-गांव बैठक: एलडीए अब नाराज या संकोच करने वाले किसानों को भी मनाने में जुटा है. अधिकारी गांव-गांव जाकर बैठकें करेंगे, फायदे बताएंगे और पंफलेट बांटेंगे. मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने निर्देश दिए हैं कि लैंड पुलिंग नीति का व्यापक प्रचार हो, ताकि किसान इसका लाभ उठा सकें. यह योजना न केवल किसानों के लिए फायदेमंद है, बल्कि शहर में रोजगार बढ़ाएगी और बेहतर आवास देगी. 20 फरवरी का कार्यक्रम एक मिसाल बनेगा कि कैसे लैंड पुलिंग से सबका विकास संभव है.