गर्मियों में यूपी को नहीं झेलना पड़ेगा बिजली संकट, पीक ऑवर में भी मिल रही भरपूर सप्लाई

लखनऊ: केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत उत्तर प्रदेश में ऊर्जा के क्षेत्र में कई काम कराए जा रहे हैं. इसके चलते अब यूपी में बिजली संकट पिछले सालों की तुलना में कम होने लगा है.

गौर करें तो इस योजना के तहत नई लाइनें बिछाने का काम तेजी से चल रहा है. विद्युत उपकरण भी उच्च क्वॉलिटी के इंस्टॉल कराए जा रहे हैं. नए उपकेंद्र स्थापित किए जा रहे हैं. यही कारण है कि अब जर्जर लाइनें कम हो गई हैं. उच्च क्षमता के ट्रांसफाॅर्मर लगने के चलते बिजली संकट की स्थिति काफी कम पैदा हो रही है. प्रदेश सरकार की तरफ से भी लगातार बिजली सप्लाई को लेकर पावर कारपोरेशन को निर्देश दिए जा रहे हैं.

गर्मी में बिजली संकट की स्थिति उत्पन्न न हो, इसे ध्यान में रखकर तेजी से अनुरक्षण का काम कराया जा रहा है. प्रदेश में बिजली की मांग व आपूर्ति के बीच का अंतर लगातार घटा है. बेहतर बिजली आपूर्ति के चलते प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ा है. एमएसएमई सेक्टर को संबल मिला है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2022-23 में उत्तर प्रदेश की बिजली की कुल आवश्यकता एक लाख 44 हजार 251 मिलियन यूनिट थी. योगी सरकार ने बिजली की मांग व आपूर्ति के अंतर को समाप्त करने के लिए नीतियों और प्रबंधन सुधारों का जो प्रयास किया, उसका असर दिखा है.वित्त वर्ष 2023-24 में आपूर्ति एक लाख 48 हजार 287 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई, जो वित्त वर्ष 2024-25 में एक लाख 64 हजार 786 मिलियन यूनिट हो गई. चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक की स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है. इस अवधि में बिजली की कमी व्यावहारिक रूप से काफी कम हो गई है.सरकार ने बिजली उत्पादन और आपूर्ति के साथ-साथ पारेषण व वितरण व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया. राष्ट्रीय ग्रिड के माध्यम से अधिशेष बिजली वाले राज्यों से उत्तर प्रदेश को समय पर बिजली उपलब्ध कराई गई. सर्वाधिक मांग (पीक ऑवर) के समय भी प्रदेश में बिजली आपूर्ति लगभग पूरी की गई, जिससे उद्योगों और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली.संशोधित वितरण क्षेत्र सुधार योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत जर्जर लाइनों को बदला गया. ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई और स्मार्ट मीटरिंग को बढ़ावा दिया गया. इससे वितरण कंपनियों के घाटे में कमी आई और बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ.

ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाने के लिए दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना और सौभाग्य योजना के जरिए बड़े स्तर पर काम किया गया. गांवों और घरों तक बिजली पहुंचने से कृषि, कुटीर उद्योग और छोटे कारोबार को नई गति मिली है.

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा का मानना है कि बिजली, जहां आम जनता की आधारभूत आवश्यकता है. वहीं प्रदेश की आर्थिक रफ्तार में भी बिजली का बड़ा योगदान है. उद्योग-धंधों को ज्यादा से ज्यादा बिजली उपलब्ध हो सके, जिससे वह ज्यादा से ज्यादा उत्पादन कर सकें, इस ओर सरकार ने ध्यान दिया है.उन्होंने कहाकि इसी का नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश में निर्धारित रोस्टर के मुताबिक बिजली आपूर्ति हो रही है. आम जनता को भी भरपूर बिजली मिल रही है, तो इंडस्ट्री को भी भरपूर बिजली सप्लाई की जा रही है. इससे उत्तर प्रदेश आर्थिक विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर हो रहा है.