लखनऊ: योगी सरकार ने वन ट्रिलियन इकोनॉमी के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में खजाना खोल दिया है. नए उद्योग लगाने के साथ ही बड़ी संख्या में रोजगार देने के लिए भी प्रयास होंगे. इसके अलावा सूक्ष्म में लघु उद्योग में भी सरकार ने बड़े प्रावधान करके उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति को और बेहतर करने का प्रयास किया है.
औद्योगिक विकास के लिये 27,103 करोड़: वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के बजट भाषण में कहा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास में कई अहम प्राविधान किए गए हैं. जिनमें अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास की योजनाओं के लिये 27,103 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है. मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण एवं नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना में टैबलेट/स्मार्ट फोन के वितरण की प्रक्रिया गतिमान है. इस योजना के लिए 2,374 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
53,263 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगाः वित्तीय मंत्री ने कहा, अटल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत अवस्थापना विकास के लिए 2,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. फॉंरेन डाइरेक्ट इन्वेस्टमेन्ट एवं फॉंर्च्यून-500 कम्पनियों के निवेश के लिए घोषित प्रोत्साहन नीति-2023 के क्रियान्वयन के लिए 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना में अब तक 200 रक्षा उद्योगों की स्थापना के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किये गये हैं, जिसमें 35,280 करोड़ का निवेश एवं 53,263 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार अनुमानित है.एसएमई के लिए 3,822 करोड़ः सुरेश खन्ना ने बताया कि इसके अलावा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम में भी अनेक प्रावधान किया गया है. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर की योजनाओं के लिये 3,822 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो 2025-2026 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग उत्तर प्रदेश की अर्थ व्यवस्था की रीढ़ है. लगभग 3.11 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश का एमएसएमई सेक्टर देश के सभी राज्यों में अग्रणी है.
सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1,000 करोड़ः प्रदेश में एमएसएमई उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से ‘‘सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लायमेन्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन’’ की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है, जिसके लिये 575 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. योजना के अन्तर्गत प्रतिवर्ष 1 लाख सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना का लक्ष्य है, लेकिन आवश्यकतानुसार इसे बढाया जायेगा. मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. ‘एक जनपद एक व्यंजन’ के लिये 75 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. लघु एवं सूक्ष्म उद्योग विभाग के उपाध्यक्ष नटवर गोयल ने बताया कि निश्चित तौर पर ये प्राविधान उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए उपयुक्त
होगा.